घटना नैनीताल जिले की है। पुलिस ने शुक्रवार को बीडी पांडे अस्पताल के पास छुपी हुई एक किशोरी को देखा और उसे थाने ले आई। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों को बुलाया, लेकिन उसने परिजनों के साथ जाने से मना कर दिया। इस पर पुलिस ने किशोरी को विमर्श चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। 


कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक मो. यूनुस ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात कोतवाली में विमर्श चाइल्ड लाइन की सदस्य गायत्री दरम्वाल ने सूचना दी एक किशोरी बीडी पांडे अस्पताल के पास घायल अवस्था में छुपी है। सूचना पर पहुंची पुलिस को वहां किशोरी मिल गई। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। किशोरी से पूछताछ और मेडिकल परीक्षण कराने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों को बुलाया, लेकिन उसने परिजनों के साथ जाने से मना कर दिया। किशोरी का कहना था कि परिजन बेवजह उसके साथ मारपीट कर उसका उत्पीड़न करते हैं। किशोरी के शरीर पर मौजूद घाव भी उसके साथ हुई हिंसा की तरफ इसारा करते है। 


इसके बाद पुलिस ने किशोरी को विमर्श चाइल्ड लाइन की सदस्य गायत्री दरम्वाल के सुपुर्द कर दिया। बाद में विमर्श संस्था ने किशोरी को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी हल्द्वानी के सामने पेश किया, जहां से उसे हल्द्वानी स्थित शरणालय भेज दिया गया। किशोरी के बयानों के अनुसार जांच जारी है। क्योंकि जब किशोरी मिली थी तो उसके शरीर पर चोट के निशान थे। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों को बुलाया, लेकिन उसने परिजनों के साथ जाने से मना कर दिया। इस पर पुलिस ने किशोरी को विमर्श चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। पूछताछ में उसने बताया है कि उसके परिजन ही उससे बेवजह मारपीट करते हैं। किशोरी के दावों की जांच की जा रही है उसके बाद अगर परिजन अपराध में लिप्त पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कारवाई की जाएगी।