शनिवार  देर रात जवान का शव उनके पैतृक गाँव पहुंचने की खबर से गांव में गमगीन माहौल है। भारतीय सेना में अल्मोड़ा जिला के एक जवान की शहीद होने की खबर से पूरे गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। जवान जम्मू-कश्मीर में तैनात था। परिजनों ने बताया कि 21 अगस्त को जवान की शहादत की खबर मिली जिसके बाद परिवार में मातम पसर गया। जवान जिस इलाके में तैनात था वह इलाका आतंकवादियों की सक्रिय जोन में आता है। अनंतनाग, सोपियां, कुपवाड़ा और बारामुला उच्च आतंकी क्षेत्रों में सुमार है जहाँ आए दिन किसी न किसी आतंकी के छुपे होने की खबर मिलती है। 


अल्मोड़ा के चौखुटिया का जवान बीएसएफ में जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में हैड कांस्टेबल के पद पर तैनात था। लेकिन 21 अगस्त को सेना द्वारा  सिरोली निवासी कुंदन राम (45) की मौत  की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है। घटना के बाद से शहीद जवान की पत्नी सुनीता और बेटे हरीश का रो-रोकर बुरा हाल है।शहीद जवान के भतीजे सतीश ने बताया कि परिजनों को बीएसएफ के अधिकारियों के माध्यम से मौत की सूचना मिली है। लेकिन फोन पर मौत के कारणों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं मिल सकी है। 


परिजनों ने बताया कि कुंदन राम नवंबर 2019 में तीन माह की छुट्टी पर घर आए थे। परिवार के लोगों की उनसे 19 अगस्त को अंतिम बार फोन पर बात हुई थी, जबकि 21 अगस्त को उनकी मौत की सूचना मिली। शहीद जवान का शव शनिवार देर रात उनके पैतृक गाँव पहुंचेगा। उनकी मौत की खबर सुनकर आस पास के ग्रामीणों का शहीद के घर पर तांता लगा हुआ है। शहीद के साथ सेना के कुछ जवान उनके साथ आएंगे । पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा। रविवार को शहीद जवान को अंतिम विदाई दी जाएगी और शहीद जवान का पार्थिव शरीर पंचतत्व में लीन होगा।