प्रदेश भर में रुक-रुक के बारिश जारी है। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी निर्देशों में 31 अगस्त तक प्रदेश में बारिश के आसार बने हुए हैं। शनिवार को प्रदेश के पहाड़ी जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है। साथ ही अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। राज्य में लगातार हो रही बारिश से आम जन जीवन खासा प्रभावित है। रुद्रप्रयाग में बच्छणस्यूं पट्टी के ग्राम पंचायत नवासू में मूसलाधार बारिश से बीस से अधिक मकान, गोशाला, खेत-खलियानों को भारी क्षति पहुंची है। ग्राम प्रधान देवेश्वरी रौथाण ने प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर प्रशासन और आपदा कंट्रोल रूम को सूचना दी। चमोली के थराली में मूसलाधार बारिश से देवाल-थराली सड़क धंस गई है। ग्वालदम-नंदकेशरी, ग्वालदम-खंपाधार-चिड़िगा मल्ला, सेरा-तलवाड़ी, थराली-गोठिंडा, कुराड़ पार्था सड़कें जगह-जगह भूस्खलन और पुश्ता गिरने से बंद हो गईं और कई घरों में मलबा घुस गया।


बीते दिन नारायणबगड़ में लगातार हो रही बारिश से परखाल-रैंस-चोपता-भटियाणा सड़क चलियापाणी आरखंडा गांव के पास बंद होने से 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों का तहसील व ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क कट गया है। रैंस की क्षेपं सदस्य लक्ष्मी देवी ने कहा कि सड़क बंद होने से लोगों को जरूरी काम के लिए जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कुछ सड़कों पर नियमित रूप से कार्य भी चल रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से स्थिति सामान्य होती नजर नही आ रही है। क्योंकि मर्ग मुश्किल से 12 घण्टे भी सही से खुले नही रह पा रहे है और फिर से मलबा आ जा रहा है। प्रदेश भर में शनिवार समाचार लिखने तक छोटी बड़ी 105 से अधिक सड़कें बन्द हैं। ऐसे में शनिवार को आने वाली बारिश से सड़कों के बन्द होने की संख्या में कितना इजाफा होगा ये कहा नही जा सकता है।