दो साल बाद मिला बेटी को न्याय, दस साल की हुई सजा और तीस हजार जुर्माना ।

 


दो साल बाद आए इस फैसले से पीड़िता तथा परिवार को न्याय मिला है। दोष सिद्ध होने पर विशेष सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर शुक्ला ने अभियुक्त वीर सिंह को सजा सुनाई। घटना इस प्रकार है- सामटी सोलन हिमाचल प्रदेश निवासी वीर सिंह उर्फ संजू डुंडा ब्लाक,उत्तरकाशी के एक गांव में खच्चर चलाने का काम करता था। काम छोड़ने के छह माह बाद वह अपने मालिक की 15 वर्षीय बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले गया। किशोरी के पिता ने 26 जून 2018 को बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।

इस मामले में थाना कोतवाली पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ धारा 363, 366, 5/6 पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी को तीन माह बाद सोलन हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार कर नई टिहरी जेल भेज दिया था। उसके साथ किशोरी भी बरामद हुई थी, जो तीन माह की गर्भवती थी। पुलिस ने इस मामले में अभियुक्त का डीएनए परीक्षण भी कराया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पूनम सिंह ने न्यायालय के समक्ष 15 गवाह और डीएनए रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिसके बाद उत्तरकाशी में किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दो साल पुराने एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।

 
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