इस बार बरसात में देहरादून को मसूरी से जोड़ने वाले मार्ग का करीब 50 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो जाने के बाद अब यहां के लिए एक बेहतर वैकल्पिक मार्ग की जरूरत महसूस होने लगी है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर की उपस्थिति में एनएचएआइ के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को मार्ग निर्माण का प्रस्ताव जल्द तैयार करने को कहा।

यह प्रस्तावित मार्ग चकराता रोड पर नंदा की चौकी से शुरू होकर डूंगा से मसूरी वाया हाथीपांव से गुजरेगा और इसकी लंबाई करीब 27 किलोमीटर होगी। अभी जो मुख्य मार्ग है, उसकी लंबाई करीब 26 किलोमीटर है। गुरुवार को कैंप कार्यालय में हुई बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मार्ग का एलाइनमेंट इस तरह तैयार किया जाए कि पेड़ों को कम से कम नुकसान पहुंचे। उन्होंने विधायक से भी आग्रह किया कि वह वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई शुरू होने पर इस काम में गति लाने के लिए सहयोग करें। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि जहां पर चढ़ाई अधिक है, या तीव्र मोड़ (हेयरक्लिप बैंड) हैं, वहां पुल निर्माण की संभावना तलाशी जाए। यह मार्ग पर्यटन नगरी को जोड़ेगा, लिहाजा डूंगा के आसपास ऐसी व्यवस्था की जाए कि वहां जलपान से संबंधित प्रतिष्ठान खुल सकें। साथ ही मसूरी के पास पार्किंग स्थल भी चयनित कर लिया जाए। वहीं, एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज मौर्य ने कहा कि इस मार्ग पर लोनिवि भी सर्वे कर चुका है। उनसे भी जानकारी लेकर प्रस्ताव तैयार करने का काम शरू कर दिया जाएगा।