उत्तराखंड में शुक्रवार को कोरोना के 447 नए मामले समाने आए। आज विभिन्न हस्पताल से 243 मरीज ठीक होकर अपने घरों को लौटे हैं। कोरोना से हुई कुल मौतों का आंकड़ा 192पहुंच गया है। कोरोना संक्रमण दिन प्रति दिन हावी होता जा रहा है, पिछले तीन हफ्तों से संक्रमितों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिला है। 

शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले वाइज आंकड़े:- ऊधमसिंह नगर जिले में सबसे ज्यादा 106 कोरोना मरीज मिले हैं। हरिद्वार में 101, देहरादून में 95, नैनीताल में 50, उत्तरकाशी में 41, अल्मोड़ा जिले में 14, पौड़ी में 11 लोग कोरोना संक्रमित मिले। चंपावत में नौ, टिहरी और पिथौरागढ़ में छह-छह, चमोली में पांच, बागेश्वर में दो और रुद्रप्रयाग जिले में एक मरीज मिला है। मरीजों की संख्या 14083 हो गई है। 

शुक्रवार को प्रदेश में पांच कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश में तीन और दून मेडिकल कॉलेज में दो संक्रमित मरीजों ने दमतोड़ा है। मृतकों में चार मरीज पुरुष हैं। दून मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। पहले मामले में राजीवनगर निवासी 60 वर्षीय व्यक्ति को छह अगस्त को अस्पताल में भर्ती किया गया था। शुक्रवार सुबह मरीज की मौत हो गई। दूसरे मामले में सेलाकुई निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति 13 अगस्त को अस्पताल में भर्ती हुए थे। प्रदेश में मृतकों की संख्या 192 हो गई है। वहीं, आज 243 कोरोना मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया है। प्रदेश में संक्रमित मरीजों की रिकवरी दर 68.71 प्रतिशत और डबलिंग रेट 25.86 दिन पर आ गई है। सैंपल जांच के आधार पर पॉजिटिव दर अब तक की सबसे अधिक 5.16 प्रतिशत हो गई है। 

कोरोना संक्रमण के लिहाज से उत्तराखंड में दिन-ब-दिन स्थिति गंभीर होती जा रही है। न सिर्फ संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, बल्कि मरीजों की मौत का ग्राफ भी चढ़ रहा है। गुरुवार को प्रदेश में कोरोना के 411 नए मामले आए। इनमें मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल रावत व उनके परिवार के चार सदस्य भी शामिल हैं। रावत के स्वजन हाल ही में बेंगलुरु से लौटे हैं। वह तब से घर पर ही थे और सचिवालय स्थित अपने कार्यालय भी नहीं जा रहे थे। फिर भी उनका कक्ष एहतियातन बंद कर दिया गया है।