हॉल ही में उत्तराखंड चमोली जिले की प्रियंका आईएएस परीक्षा में 257 रैंक को लेकर खूब चर्चा में बनी रही, लेकिन अब एक प्रियंका नाम की अन्य छात्रा ने दावा किया है कि 257 रैंक उसका है, न की चमोली वाली प्रियंका का। डीएवी पीजी कॉलेज की छात्रा प्रियंका का सिविल सेवा में चयन का दावा विवादों में घिर गया है। प्रियंका के इस दावे को सोशल मीडिया पर इसी नाम की एक अन्य छात्रा ने चुनौती दी है। छात्रा का कहना है कि प्रियंका सिविल सेवा परीक्षा में जो स्थान प्राप्त करने की बात कह रही हैं, असल में वह स्थान उसने हासिल किया है। इसको गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रशासन ने प्रियंका के सिविल सेवा में चयन संबंधी दस्तावेजों की जांच करने का फैसला किया है।

मूल रूप से चमोली जिले के देवाल की रहने वाली प्रियंका डीएवी कॉलेज में एलएलबी के छठे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही हैं। इसी चार अगस्त को घोषित किए गए सिविल सेवा परीक्षा-2019 के परिणाम में उन्होंने 257वां स्थान प्राप्त करने का दावा किया था। इसके लिए किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रियंका कई दिन तक सुर्खियों में रहीं। डीएवी कॉलेज में भी उनका सम्मान किया गया। लेकिन, बीते दिनों कर्नाटक के बेंगलुरु में रहने वाली केएम प्रियंका नाम की छात्रा ने सोशल मीडिया पर उनके दावे को गलत बताते हुए सिविल सेवा परीक्षा में खुद 257वां स्थान हासिल करने की बात कही। इससे कॉलेज प्रशासन भी स्तब्ध है।

डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय सक्सेना ने बताया कि प्रियंका के सिविल सेवा में चयन संबंधी दस्तावेजों की जांच विधि विभाग की अध्यक्ष डॉ. पारुल दीक्षित करेंगी। हालांकि, अभी छात्रा ने ये दस्तावेज कॉलेज में जमा नहीं किए हैं, जबकि उसे परीक्षा का परिणाम आने के दूसरे दिन ही इसके लिए कहा गया था। फिलहाल छात्रा चमोली स्थित अपने घर पर है। इस कारण उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। छात्रा से संपर्क होते ही उसे दस्तावेजों के साथ दून बुलाया जाएगा। देहरादून में प्रियंका (चमोली) के जमा दस्तावेजों की जाँच होगी, जिसके बाद साफ हो जाएगा कि रैंक 257 की असल हकदार कौनसी प्रियंका है।