कोरोना जैसी विपरीत परिस्थितियों में आज शाम से माँ नंदा-सुनंदा की जात। इस वर्ष भक्तजन लोकल चैनलों के माध्यम से मां नंदा सुनंदा के दर्शन करेंगे। जिसके लिए राम सेवक सभा ने लाइव प्रसारण की व्यवस्था की है। इस वर्ष प्रतीकात्मक रूप से महोत्सव का आयोजन होगा, यह महोत्सव 23 अगस्त से 28 अगस्त तक होगा। इस दौरान मां नंदा-सुनंदा का डोला नगर में भ्रमण नहीं करेगा, लेकिन अनुष्ठान पांच लोगों की मौजूदगी में होंगे। वहीं भक्तजनों के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश वर्जित होगा। वहीं महोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने श्रीराम सेवक सभा के पदाधिकारियों के साथ नैना देवी मंदिर परिसर का जायजा लिया। 
 
एसडीएम विनोद कुमार ने मंदिर के कपाट बंद रखने और सामाजिक दूरी का ध्यान रखने को कहा। इस मौके पर सीओ विजय थापा, कोतवाल अशोक कुमार, इओ अशोक कुमार वर्मा, श्रीराम सेवक सभा के उपाध्यक्ष मनोज जोशी, सचिव जगदीश बवाड़ी, नैना देेवी मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी शैलेंद्र मेलकानी, प्रो. ललित तिवारी आदि रहे।


एसडीएम विनोद कुमार ने कहा कि इस वर्ष मेले का आयोजन सांकेतिक रूप से मंदिर परिसर में किया जाएगा। डीएम की ओर से दो लाख रुपये पालिका को दिए गए हैं। कोविड-19 को देखते हुए इस वर्ष प्रतीकात्मक रूप से नंदा महोत्सव मनाने के निर्देश जारी किए हैं। श्रद्धालुओं से अपील है कि वह जिला व पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।इस वर्ष न कदली वृक्षों का भ्रमण होगा न डोला निकलेगा । राम सेवक सभा के सचिव जगदीश चंद्र बवाड़ी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार की गाइडलाइन एवं जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस वर्ष उद्घाटन कार्यक्रम, कदली वृक्षों का नगर भ्रमण, भंडारा, प्रसाद वितरण, डोला नगर भ्रमण आदि कार्यक्रम नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने नगरवासियों से अनुरोध किया कि सभी इस वर्ष घरों में रहकर मां नंदा सुनंदा की पूजा-अर्चना करें। 
 
इस प्रकार होगी माँ नन्दा जात यात्रा:- 
★23 अगस्त शाम 5:30 बजे - कदली वृक्ष लेने के लिए प्रस्थान।
★24 अगस्त दोपहर 2:00 बजे कदली वृक्ष आगमन।
★25 अगस्त सुबह 9:00 बजे मूर्ति निर्माण।
★26 अगस्त ब्रह्म मुहूर्त में देवी प्राण प्रतिष्ठा, शाम 6:30 बजे पंच आरती, रात 9:00 बजे देवी पूजन और रात 12 बजे देवी भोग। 
★ 27 अगस्त शाम 6:30 बजे पंच आरती, रात 9:00 बजे देवी पूजन, रात 12 बजे देवी भोग।
★28 अगस्त सुबह 9:00 बजे देवी पूजन व दोपहर 12 बजे मूर्ति विसर्जन।