सेलाकुई में ऑपरेशन मैनेजर, आधार सेवा केंद्र का कहना है कि आधार सेवा केंद्र पर रोजाना 100 कर्मचारी अपना आधार अपडेट करवाने पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर वो हैं जो पीएफ निकालना चाहते हैं। वहीं पीएम स्वनिधि योजना के लिए नंबर अपडेट करवाने वाले भी भारी संख्या में पहुंच रहे हैं।


निजी कंपनियों में काम करने वाले कई कर्मचारी अपने पीएफ (प्रोविडेंट फंड) से पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं। आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट न होने या आधार कार्ड पर लिखा नाम पीएफ खाते में लिखे नाम से न मिलने के कारण यह समस्या आ रही है। यही कारण है कि इनदिनों आधार सेवा केंद्र पर भारी संख्या में ये कर्मचारी आधार कार्ड अपडेट करवाने पहुंच रहे हैं।


वहीं सेलाकुई निवासी प्रीति देवी का कहना है कि वह क्षेत्र की एक निजी कंपनी में पिछले सात साल से काम कर रही हैं। कोरोना काल में लंबे समय तक कंपनी बंद रहने और समय पर वेतन न मिलने से उन्हें परिवार का खर्च चलाने में समस्या होने लगी। जिस पर उन्होंने पीएफ खाते से कुछ पैसा निकालना तय किया, लेकिन आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट न होने से वह पैसा नहीं निकाल पा रही हैं। आधार में नंबर अपडेट करने के लिए वह सोमवार को सेलाकुई से 20 किलोमीटर का सफर तय कर दून पहुंची। प्रीति के साथ उनकी ही कंपनी में काम करने वाली छह महिलाएं भी इसी काम से आधार सेवा केंद्र पर पहुंची थी। आधार सेवा केंद्र पर एक दिन में 500 लोग आधार से जुड़ने का काम करवा सकते हैं, लेकिन भीड़ को काबू करना चुनौती साबित हो रहा है।


अब सरकार ने लोगों की कोरोना काल में क्या मदद की, ये सरकार ही जाने। लोगों की यह संख्या तो बता रही है कि अति गरीब और मध्यम गरीब भूखों मरने के नौबत में आ चुका है। मध्यम अमीर भी अपनी बचत का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन सरकारें है कि किसी प्रकार का रहात आम जन को देना नही चाहती है।