परेशानी के समय जमा धन काम आता है। कोविड-19 के काल में भी यही हुआ। पांच माह की समयावधि में कुमाऊं के 43 हजार से अधिक लोगों ने पीएफ (भविष्य निधि) खाते की बचत धनराशि का सहारा लिया। इस दौरान एक अरब से अधिक धनराशि पीएफ खाते से आहरित की गई। जून और जुलाई में सर्वाधिक लोगों ने पीएफ भुगतान का अनुरोध किया।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के हल्द्वानी कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस के शुरुआत के समय लोगों ने धैर्य दिखाया। उत्तराखंड में कोरोना का पहला मामला 15 मार्च को सामने आया था। 14 अप्रैल तक चले पहले लाॅकडाउन में लोग हालात सामान्य होने की अपेक्षा लगाए रहे। जब मामले बढ़ते गए और रोजगार शुरू होने की संभावना धुंधली हो गई तो जमा धन याद आने लगा। कुमाऊं में पीएफ भुगतान के मामले मई के बाद लगातार बढ़ते चले गए। जुलाई माह में आंकड़ा 11 हजार के कीर्तिमान स्तर पर पहुंच गया।

कोविड-19 काल में नौकरीपेशा लोगों को राहत देने हुए विशेष योजना शुरू की गई थी। जिसमें पीएफ का 75 प्रतिशत धनराशि अग्रिम रूप में निकालने का प्रावधान किया गया था। कुमाऊं में 15177 अंशधारकों ने 25.60 करोड़ रुपये अग्रिम के रूप में भविष्य निधि से निकाले।