राज्य में कोरोना की रोकथाम के लिए निजी हस्पतालों को भी मिली इजाजत, अब कर सकेंगे कोरोना के मिरोजों का इलाज। मना किया तो होगी कारवाई । पटेलनगर स्थित श्री महंत इंद्रेश अस्पताल ने तो कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करना शुरू भी कर दिया गया है। हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। संभवत सोमवार से यहां कोरोना के मरीजों को भर्ती किया जाएगा। इसके अलावा नंदा की चौकी स्थित सुभारती मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी यह सुविधा शुरू होने वाली है। गौरतलब है कि देहरादून जिले में रोजाना डेढ़ सौ से अधिक कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं। जिले में ऋषिकेश एम्स के अलावा एकमात्र राजकीय दून मेडिकल अस्पताल पूरी तरह से कोरोना मरीजों के लिए समर्पित है। जबकि शासन-प्रशासन ने कुछ कोविड केयर सेंटर भी बनाए हैं। जहां कम गंभीर और बिना लक्षणों वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।


जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल और श्री महंत इंद्रेश अस्पताल, पटेलनगर में मरीजों को भर्ती करने की तैयारी की गई है। श्री महंत इंद्रेश अस्पताल ने तो कोरोना मरीजों को भर्ती करना शुरू भी कर दिया है। अस्पताल में 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड और 25 बेड का आईसीयू अलग से आरक्षित किया गया है।


उत्तराखंड में शनिवार को 658 कोरोना मरीज मिले हैं। 11 संक्रमितों की मौत हुई है। प्रदेश में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 18571 पहुंच गया है। शनिवार को 9776 सैंपल नेगेटिव मिले और 658 में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

जिलों की स्थिति:- देहरादून जिले में 179, हरिद्वार में 161, ऊधमसिंह नगर में 90, टिहरी में 64, अल्मोड़ा में 54, नैनीताल में 45, उत्तरकाशी में 19, बागेश्वर 16, पिथौरागढ़ जिले में 11 कोरोना मरीज मिले हैं। पौड़ी और चंपावत में 6-6, चमोली में पांच और रुद्रप्रयाग जिले में दो कोरोना मामले सामने आए हैं।

शनिवार को हुई मौतें:- प्रदेश में 11 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश में छह, दून मेडिकल कालेज में एक, महंत इंद्रेश हास्पिटल में एक और सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी में तीन संक्रमितों ने दम तोड़ा है। प्रदेश में मौत का आंकड़ा 250 हो गया है