भाजपा को 2022 की राह अब आसान नही लग रही है। यही वजह है कि कुँवर प्रणव जैसे विधायकों को पार्टी में दोबारा जगह दी गई है। भाजपा को सत्ता की भूख कितनी है ये तमाम गैर बीजेपी शासित प्रदेशों में बीजेपी द्वारा की गई उठापटक से साफ देखा जा सकता है। विकास के नाम पर सरकार में आने वालों ने देश का सर्वाधिक विनाश कर डाला और अब पार्टी बलात्कारियों और गुंडों को शरण देने से भी बाज नही आ रही है।

विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की भाजपा में वापसी के विरोध में आम आदमी पार्टी कार्यकर्त्‍ता मंगलवार को बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव करने पहुंच गए। पुलिस ने बेरिकेडिंग कर उन्हें कार्यालय से कुछ दूरी पर ही रोक लिया। आगे बढ़ने को लेकर कार्यकर्त्‍ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। उन्होंने बेरिकेडिंग पर ही विधायक का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि उत्तराखंड के बलिदानियों, माताओं, बहनों का अपमान किसी भी मूल्य पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस तरह से कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने उत्तराखंड को लेकर अभद्र टिप्पणी की है, उससे उनकी असलियत पता चलती है। उन्हें वापस पार्टी में लेकर भाजपा ने भी अपना असली चेहरा दिखा दिया है। भाजपा एक के बाद एक अपने विधायकों की करतूत पर पर्दा डाल रही है। भाजपा पहले से ही यौन उत्पीड़न के आरोपित विधायक को बचाती आ रही है। 

भाजपा पहले से ही यौन उत्पीड़न के आरोपित विधायक को बचाती आ रही है। कहा कि यदि कुंवर चैंपियन देहरादून आते हैं तो उनका भी विरोध किया जाएगा। इस मौके पर महासचिव विशाल चौधरी, नवीन प्रशाली, राघव दुआ, शिवनारायण, रजिया बेग, उमा सिसोदिया आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के संरक्षक व पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने कहा कि भाजपा की कथनी व करनी में अंतर है। उत्तराखंड की अस्मिता को ललकारने वाले विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन को सम्मानपूर्वक वापस लेकर भाजपा ने राज्य की जनता का अपमान किया है। दल के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में पंवार ने कहा कि विधायक चैंपियन उत्तराखंड और यहां की जनता के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते रहे हैं। ऐसी हरकत के बाद भी उनको पार्टी में वापस लेना, संकेत है कि भाजपा अपना जनाधार खो चुकी है।

गौरतलब है कि जिस व्यक्ति ने जनता की भावनाओं को आहत किया उसको पार्टी अध्यक्ष बंशीधर भगत ने किस आधार पे वापस बुलाया। इससे साफ होता है कि बंशीधर भगत भी उसी मानसिकता के व्यक्ति है। प्रदेश को अपशब्द कहने वाले को किस आधार पर बीजेपी पार्टी में जगह दे रही है, जबकि बीजेपी कहती है कि उनके विधायक साफ चरित्र और देश भक्त हैं। जो व्यक्ति जिस राज्य का खाता है उसी को गाली देता है वो क्या देश भक्त होगा, ये बीजेपी ही जाने। चरित्र कितना साफ है ये कुलदीप सिंह सेंगर, महेश नेगी जैसे विधायको ने बता ही दिया है।