पिथौरागढ़ से कल दो अप्रिय घटनाएं सामने आई। पहली घटना में जहां मकाल टूटने से दो बच्चों समेत पिता की मौत हो गयी और दूसरी घटना में भूस्खलन में लापता महिला का शव मिल गया। पिथौरागढ़ जिले में ही धारचूला तहसील के जुम्मा गांव में बारिश के कारण भूस्खलन होने से लापता हुई एक महिला का चार दिन बाद शुक्रवार को शव बरामद हुआ। एसडीआरएफ सूत्रों ने बताया कि विमला देवी (32) गत 17 अगस्त को गौशाला में काम करने के दौरान भूस्खलन की चपेट में आ गयी थीं लेकिन विषम परिस्थितियों में लगातार चार दिन तक खोजबीन करने के बाद उनका शव शुक्रवार को बरामद हुआ जिसे जिला पुलिस को सौंप दिया गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, बदरीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री जाने वाले मार्ग कई स्थानों पर बारिश के कारण पहाड़ों से पत्थर और चट्टानें गिरने तथा भूस्खलन होने से अवरुद्ध हो गए हैं। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग चमोली जिले में तोता घाटी के पास, केदारनाथ जाने वाला मार्ग रुद्रप्रयाग जिले में जालेश्वर महादेव और सीतापुर पार्किंग के पास तथा यमुनोत्री जाने वाला रास्ता उत्तरकाशी जिले में सिलाई बैंड के पास भूस्खलन से अवरुद्ध है । इसके अलावा भी दर्जनों अन्य मार्ग भूस्खलन के कारण बाधित हैं जिन्हें खोलने का प्रयास किया जा रहा है। 


पहाड़ो पर लगातार हो रही बारिश से जन-जीवन बेहद प्रभावित हुआ है। तीन दिन से बन्द बद्रीनाथ हाइवे आज भी नही खुल सका। चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे लामबगड़ और पिनोला गोविंदघाट के पास बंद है। यहां हाईवे पर विशाल बोल्डर आ गए हैं। जोशीमठ तक हाईवे सुचारू है। फिलहाल जिले में मौसम सामान्य है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच भूस्खलन से अवरुद्ध है। जिस कारण अभी तक केदारनाथ यात्रा शुरू नहीं हो पाई है। लोनिवि, बीआरओ और ऑलवेदर रोड परियोजना में लगीं निर्माण एजेंसियां अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मार्गों को खोलने में जुटी हैं। लोनिवि का कहना है कि लगातार बारिश के कारण मार्ग खोलने में दिक्कत आ रही है। 


मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देहरादून, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में अनेक स्थानों पर और हरिद्वार, उत्तरकाशी, टिहरी, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर जनपद में कुछ स्थानों पर तेज बौछार के साथ बारिश हो सकती है।