हाल ही में एक महिला के आरोपों से घिरे सत्ता पक्ष के विधायक महेश नेगी के मामले में कांग्रेस ने भी अब राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को कांग्रेस महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच और विधायक के डीएनए टेस्ट की मांग को लेकर पूरे प्रदेश में जगह-जगह सरकार के पुतले फूंकेगी। बता दें कि पीड़ित महिला लगातार विधायक और उनकी बेटी के डीएनए को मिलाने की बात कह रही है, लेकिन पूरे मामले पर बीजेपी सरकार की कोई प्रतिक्रिया सामने नही आई है। 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि इस मामले में पुलिस प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है। विधायक की पत्नी की ओर की गई शिकायत पर तो पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन महिला के आरोपों की जांच नहीं की जा रही है।कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत ने बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की ओर से प्रदेश भर में सभी जिला और अन्य संगठन इकाइयों को पुतला दहन और धरना प्रदर्शन के जरिये विरोध जताने को कहा गया है।यह पहली बार है जब कांग्रेस इस मुद्दे पर खुलकर सामने आ रही है। अभी तक कांग्रेस सिर्फ विधायक की डीएनए जांच की ही मांग कर रही थी। उधर, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी ने भी प्रदेश सरकार पर विधायक को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। जोशी का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। 

उधर कल जारी रिपोर्ट में आरोपी विधायक ने देहरादून पहुंच कर अपनी बयान दर्जी करवाई। रिपोर्ट के हवाले से खबर थी कि आरोपी विधायक डीएनए को मान गया है। वहीं इस मामले पर अरुण मोहन जोशी का कहना है कि अगर आरोप सिद्ध हुआ तो विधायक करवाई की जायेगी। लेकिन मामले पर प्रशासन की ठिलाई देखते हुए पीड़ित महिला लगातार गुहार लगा रही है कि मामले में तेजी लाई जाए। विधायक के बयान दर्ज करवाने न पहुंचने पर पीड़िता ने पहले ही साफ कर दिया कि अगर मामले की सुनाई न हुई तो वो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगीं । अब पूरे मामले पर राज्य की सरकार घिरती नजर आ रही है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस को सरकार को घेरने के लिए मजबूत मुद्दा मिल गया है। उधर पूरे मामले पर सरकार की चुप्पी सरकार के लिए मुसीबत बनी हुई है। देश में लगातार आ रही बीजेपी विधायकों की करतूत ने केंद्र की सरकार के नाक में दम कर रखा है। आखिर बचाएं भी तो किस किस को। यही वजह है कि कांग्रेस मौके को छोड़ना नही चाहती है।