खंड विकास अधिकारी कालसी ने ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों पर शासकीय कार्यों में बांधा उत्पन्न करने, कर्मचारियों के साथ अभद्रता और गाली-गलौच करते हुए सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया है। इस पूरे मामले पर बीडिओ ने कालसी थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करवाया है। मामले की गम्भीरता को समझते हुए पुलिस ने नौ नामजद समेत कुछ अन्य लज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

पुलिस को दी गई जानकारी में खंड विकास अधिकारी सुमन कुटियाल ने कहा कि, 21 अगस्त को कालसी स्थित खंड विकास कार्यालय में कुछ प्रधान और जनप्रतिनिधि बिना पूर्व अनुमति के ज्ञापन देने पहुंचे। ज्ञापन प्राप्त कर लेने के बाद जब मनरेगा कार्यों की बैठक ली जा रही थी, तभी वहां पर क्षेत्र पंचायत सदस्य कचटा और चिट्टाड़ गांव निवासी कुलदीप सिंह चौहान, दीवान सिंह पुत्र टीकम सिंह ग्राम चंदेऊ, उमादत्त पुत्र दयाराम निवासी निथला, स्वराज सिंह पुत्र दयाराम ग्राम टिपराड़, शूरवीर सिंह नेगी ग्राम सैंज अठगांव, मायाराम ग्राम कुनावा, संजय चौहान पुत्र कुंवर सिंह गांव सैंसा, मनीष पुत्र कातकू ग्राम व्यासभूड़, शमशेर सिंह पुत्र शरण सिंह ग्राम व्यास नहरी अन्य लोगों के साथ आ पहुंचे और शासकीय कार्य में बांधा पहुंचाने लगे। 

अपनी तहरीर में बीडीओ कहा कि उन्होंने कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के साथ अभ्रदता भी की। कार्यालय में अनावश्यक भीड़ जुटा कर कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन किया। समझने पर इन लोगों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर सीओ के निर्देश पर जांच चौकी प्रभारी डाकपत्थर कुंदनराम को सौंपी गई है। पूरे मामले में शीर्ष नौ व्यक्ति कोंग्रेस से समर्थित बताए जा रहे हैं। राष्ट्रीय पार्टी से तालुक रखने वाले सभी नौ लोगों समेत सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने के जुर्म में अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी दोषियों के खिलाफ सुनावाई के बाद कारवाई की जाएगी।