उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के मुख्य कार्यालय में तैनात कार्यालय सहायक ने विद्युत वितरण उपखंड मोहनपुर में लिपिक के पद पर रहते हुए 9.96 लाख रुपये के सरकारी धन का गबन कर दिया। इसका पर्दाफाश बीते दिनों शुरू हुए ऑडिट में हुआ। आरोपी के खिलाफ उपखंड अधिकारी की शिकायत पर प्रेमनगर थाने में मंगलवार को मुकदमा दर्ज किया गया।

अब 22 अगस्त को नोटिस जारी कर आरोपी से स्पष्टीकरण मांगा गया, राजस्व वसूली के स्टेटमेंट और बैंक की जमा पर्ची उपलब्ध कराने को कहा गया था, लेकिन 24 अगस्त तक उसने कोई जानकारी नहीं दी। उपखंड अधिकारी ने बताया कि ऑडिट अभी जारी है।


प्रेमनगर थानाध्यक्ष धर्मेद्र रौतेला के अनुसार विद्युत वितरण उपखंड अधिकारी मोहनपुर प्रवेश कुमार ने शिकायत में बताया है कि गौरव कौशिक अक्टूबर 2018 से मार्च 2020 तक उपखंड में बतौर लिपिक (वर्तमान में कार्यालय सहायक-III) तैनात था। इस बीच उपखंड से प्राप्त राजस्व का ऑडिट किया गया तो विभिन्न मदों से प्राप्त धनराशि का (गौरव ने जो धनराशि बैंक में जमा की), उससे मिलान नहीं हुआ। ऑडिट के आधार पर गौरव पर नौ लाख 96 हजार 285 रुपये की देनदारी बन रही है। बकाया न मिलने पर गौरव को नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब उसने अभी तक नही दिया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर जाँच तेज कर दी गई है। बीते कुछ सालों से राज्य में ऐसे मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। हाल ही में एक ऐसा ही प्रकरण श्रीनगर गढ़वाल पीएनबी बैंक से भी सामने आया था। जिसमें आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर लिया था।