हरिद्वार जिले में स्थित हरकी पैड़ी की तर्ज पर ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर बारहों माह गंगा की जल धारा बहती रहे, इसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने हरी झंडी दिखा दी है। कुंभ मेला बजट से इस प्रोजेक्ट को पूर्ण कराने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा मेला अधिकारी को आदेशित किया गया है। 

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में नमामि गंगे के तहत कुंभ मेला 2021 त्रिवेणी घाट पर सफाई परियोजना, चंद्रभागा एवं गंगा नदी के संगम पर घाट विकास योजना, सरस्वती नाले की टैपिंग किए जाने के कारण क्षतिग्रस्त घाट एवं प्लेटफार्म के पुनर्निर्माण कार्यों सहित ऋषिकेश के आस्था पथ पर स्थित विभिन्न घाटों के पुनर्निर्माण कराए जाने के आदेश दिए हैं। उक्त परियोजनाओं को नमामि गंगे परियोजना के तहत कराया जाना था, लेकिन बजट के अभाव में मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में मेला अधिकारी से कुंभ निधि के माध्यम से उक्त योजनाओं को साकार करने के आदेश जारी किए गए हैं। मेयर अनिता ममगाईं का कहना है कि गंगा की धारा को पक्के घाट पर लाना हमारे संकल्प में शामिल है। इसके लिए बोर्ड में प्रस्ताव पारित कराये जाने के बाद वह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिली थीं और इस बाबत उन्हें तमाम जानकारियां उपलब्ध कराई थीं। इसके बाद उन्होंने उक्त योजना को लेकर डीपीआर तैयार कराने को कहा था। 

इसके बाद तमाम कागजी कारवाई पूर्ण करने के बाद अनिता ममगाईं लगातार मुख्यमंत्री से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश के ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर लगातार वार्ता करती रहीं। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद इस ड्रीम प्रोजेक्ट को एक बार हवा मिली है। अब सबकी नजर है कि त्रिवेणी घाट पर गांगा की धारा लाने का कार्य कब शुरू होगा और कितनी समायावधि में ये प्रोजेक्ट पूरा होगा। क्योंकि इस प्रोजेक्ट पर पहले भी कई बार बात तो हुई लेकिन बातों का कोई निष्कर्ष नही निकला। इस बार मुख्यमंत्री खुद इसको अपने ड्रीम प्रोजेक्टों में गिन रहे हैं तो उम्मीद है कि प्रोजेक्ट 2022 तक या तो पूर्ण हो जाएगा या कार्य प्रगति पर रहेगा।