दमुवाढूंगा के रहने वाले कमल रावत की जान ऊर्जा निगम की लापरवाही से काल ने लील ली। लापरवाही इस कदर हुई कि तार टूटने पर बिजली घर से ब्रेकर ट्रिप होने के पांच मिनट बाद ही कारण पता किए बिना ही लाइन को जोड़कर करंट दौड़ा दिया गया। नौजवान की मौत के बाद भी ऊर्जा निगम के अफसर संवेदनहीन बने रहे। घटनास्थल पर ऊर्जा निगम के अफसर तो दूर कोई कर्मचारी तक नहीं पहुंचा।



ऊर्जा निगम के 132 केवी बिजली घर काठगोदाम के रिकार्ड के मुताबिक बृज लाल हास्पिटल के पास हाइटेंशन लाइन का तार टूटने पर फीडर का ब्रेकर ट्रिप कर गया था। शनिवार सुबह 8:36 बजे ब्रेकर ट्रिप हुआ था। इसके बावजूद बिजली घर के कर्मचारी व अफसरों ने कारण जानने की कोशिश तक नहीं की। पांच मिनट तक बिजली घर में शिकायत न आने पर 8:41 बजे हाइटेंशन लाइन के ब्रेकर को दोबारा जोड़कर करंट प्रवाहित कर दिया गया। इससे कमल रावत टूटे तार में प्रवाहित हो रहे करंट की चपेट में आ गया। करंट से झुलसकर युवक की मौत का पता चलने पर बिजली घर से 8:55 बजे लाइन काटकर आपूर्ति बाधित की गयी।



कमल की मौत के बाद भी ऊर्जा निगम के अफसरों की संवेदना नहीं जागी। घटनास्थल पर लोगों के आक्रोश के बावजूद अफसर नहीं आए। चार घंटे बाद करीब एक बजे महकमे के एसडीओ नीरज पांडे और जेई मो. शाकिब ने पोस्टमार्टम के बाद आकर पीडि़त परिवार को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। जबकि इस पूरे प्रकरण पर कांग्रेस मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग कर रही है।