उत्तराखंड में पुलिस महकमे की नौकरी पुलिसवालों को रास नहीं आ रही है। आरटीआई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, बहुत से जवान पुलिस की नौकरी छोड़कर दूसरी नौकरियों की तलाश में है। सिर्फ देहरादून जिले से ही 55 पुलिसकर्मी नौकरी छोड़ चुके हैं। इसमें कॉन्स्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस की नौकरी छोड़ने वालों से बात की गई तो पता चला कि महकमे में कई तरह की समस्याओं के चलते उन्हें ये कदम उठाना पड़ा है।



पुलिस की नौकरी छोड़ने वालों से बात की गई तो पता चला कि महकमे में कई तरह की समस्याओं के चलते उन्हें ये कदम उठाना पड़ा है। 24 घंटे की ड्यूटी के साथ ही दबाव में काम करना सबसे बड़ी परेशानी रही है। इसके अलावा फैमिली के साथ सुख-दुख में ना होना भी बड़ा कारण माना गया है। वहीं, डीआईजी अरुण मोहन जोशी का कहना है कि यह सही है कि उनके जवानों और वरिष्ठ अधिकारियों (इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर ) को कुछ दिक्कतें हैं, जिनको दूर करने के साथ उनके मनोबल को बनाए रखने की कोशिशें की जा रही हैं।



डीआईजी ने ये भी माना कि पुलिस की नौकरी और अन्य जॉब से काफी चैलेंजिंग है। जल्द पुलिसवालों की छोटी-छोटी समस्याओं को दूर नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में महकमे के सामने बड़ी आफत खड़ी हो जाएगी। गौरतलब है कि उत्तराखंड में पुलिस संख्या बल कम होने के कारण कार्यभार अधिक बना हुआ है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भर्ती की घोषणा तो की लेकिन आज तक भर्ती नही निकली गई है। एक तरफ युवा भर्ती के लिए बेताब है तो दूसरी तरफ पुलिसकर्मी 24-24 घण्टे की ड्यूटी देकर परेशान है।