केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण की तर्ज पर बदरीनाथ धाम का भी कायाकल्प होगा। बदरीनाथ के विकास पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका मास्टर प्लान तैयार हो गया है। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहर लगने के बाद राज्य सरकार इस परियोजना पर कार्य आरंभ कर देगी।

प्रधानमंत्री ने केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण के साथ बदरीनाथ धाम में भी विकास योजना का एक प्लान तैयार करने को कहा था। उनका सुझाव था कि यह योजना अगले 100 सालों की आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर तैयार की जाए। पीएम के सुझाव पर राज्य सरकार बदरीनाथ के विकास का प्लान तैयार करने में जुट गई थी। प्लान का खाका तैयार कर पिछले हफ्ते मुख्य सचिव ओम प्रकाश दिल्ली गए थे। वहां प्रधानमंत्री कार्यालय में मास्टर प्लान का प्रस्तुतिकरण हुआ। प्रधानमंत्री के सलाहकार भास्कर खुल्बे के समक्ष हुए इस प्रस्तुतिकरण के बाद अब पीएमओ इसे प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेगा।

प्रदेश सरकार केदारनाथ पुनर्निर्माण के दूसरे चरण का कार्य अक्टूबर महीने में शुरू होगा। नवंबर माह तक पहले चरण के कार्य पूरा होने की संभावना है। इसमें जगदगुरू शंकराचार्य की समाधि स्थल का निर्माण कार्य भी शामिल है। बदरीनाथ धाम के विकास का मॉडल भी केदारनाथ पुनर्निर्माण की तरह ही होगा। इसमें कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) फंड की मदद से विकास कार्य होंगे।