मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार देर रात अंतरराज्यीय परिवहन को मंजूरी दे दी। परिवहन विभाग की ओर से फाइल मुख्य सचिव को भेज दी गई थी, लेकिन इसमें कुछ शर्तों को देखते हुए फाइल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पास भेज दिया गया था। बताया जा रहा कि मुख्यमंत्री ने इसमें स्वास्थ्य विभाग से भी राय मांगी थी। मुख्यमंत्री ने विचार-विर्मश के बाद देर रात फाइल अनुमोदित कर दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल, राजस्थान और पंजाब के लिए 100-100 बसें चलाने की अनुमति दे दी है। इन राज्यों से भी इतनी ही संख्या में बसें उत्तराखंड आ सकेंगी।

अब तक सबसे बड़ी अड़चन उत्तराखंड प्रवेश करने वालों के पंजीकरण को लेकर थी। परेशानी ये थी कि अपनी और दूसरे राज्यों की जो बसें बाहर से प्रदेश में आएंगी उनके यात्रियों का पंजीकरण कैसे चेक होगा। मौजूदा व्यवस्था में प्रदेश की सीमाओं पर बाहरी यात्रियों का पंजीकरण चेक किया जाता है। इसके साथ ही यात्री कितने दिन के लिए आ रहे हैं और उनके होम क्वारंटाइन आदि की क्या स्थिति है, यह सीमा पर देखी जाती है। रोडवेज के संचालन के बाद यह जांच करना मुनासिब नहीं होगा।

इसके लिए बस अड्डों पर प्रशासन की टीम तैनात की जाए, जो रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डे की तर्ज पर यात्रियों की जांच करे। बताया गया कि इस पर व्यवस्था बनाने के आदेश के बाद मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर रात अंतरराज्यीय परिवहन से जुड़ी फाइल को मंजूरी दे दी। अपर सचिव परिवहन रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद अब एक-दो दिन में एसओपी जारी कर दी जाएगी।