किसानों के लगातार विरोध प्रदर्शन को देखते हुए अब उत्तराखंड भाजपा ने किसानों के बीच जाने का फैसला लिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कृषि बिलों को किसानों के व्यापक हित में उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वे किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने किसानों की पीड़ा को समझा और कृषि बिलों के जरिये उन्हें राहत दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी अपने एजेंडे में इन बिलों को शामिल किया था। अब भाजपा सरकार न इन बिलों को पारित कर दिया तो कांग्रेस समेत अन्य दल सिर्फ विरोध के लिए इनका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि न तो मंडियों को खत्म किया जा रहा और न एमएसपी को। बुआई से पहले एमएसपी घोषित करने का निर्णय लिया गया है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को भी सरकार ने स्वीकार किया है। अब किसानों को कहीं भी उपज को बेचने की आजादी है।

भगत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा किसानों के हित में काम किया है। जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो वहां सस्ती दर पर किसानों को बिजली मुहैया कराई गई। अब किसानों की आय में बढ़ोतरी और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के दुष्प्रचार से किसान गुमराह न हों, इसके लिए राज्य में किसानों के बीच जाकर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा। इस अभियान के तहत छोटी बैठकें करने के साथ ही पत्रक बांटे जाएंगे।