फरवरी माह 2020 में रोडवेज को मिलीं नई बसों के टायर एवं बैटरी चोरी हो गए। यह बसें रोडवेज की ट्रांसपोर्टनगर स्थित कार्यशाला की जमीन पर पिछले सात माह से खड़ी हैं। अंतरराज्यीय परिवहन को लेकर मंगलवार को जब इन बसों को बाहर निकालने की कसरत हुई तो बैटरी व स्टेपनी गायब मिलीं। रोडवेज प्रबंधन इस विषय की सूचना पुलिस को दी है।



परिवहन बेड़े को फरवरी में 300 नई बसों की आपूर्ति टाटा और अशोका लिलैंड कंपनी से हुई थी। हालांकि, टाटा की बसें अक्टूबर व नवंबर में मिल गई थी, लेकिन इनमें खराबी आने पर रोडवेज प्रबंधन ने दिसंबर में टाटा से मिलीं समस्त 150 बसें कंपनी में वापस भेज दी थीं। ये बसें फरवरी में ठीक होकर वापस आई जबकि इसी बीच लिलैंड कंपनी ने भी अपनी 150 बसें भेज दीं।



अशोका लिलैंड की बसों का पंजीकरण चल ही रहा था कि इस बीच कोरोना संक्रमण फैल गया। संचालन थमने की वजह से नई बसें ट्रासंपोर्टनगर में खड़ी कर दी गई। वहां चौकीदार भी तैनात रहता है। इन नई बसों के अलावा रोडवेज की वाल्वो बसें भी वहीं खड़ी की गई थीं। मंगलवार को महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन के आदेश पर अंतरराज्यीय परिवहन के लिए नई बसों को बाहर निकाला गया तो पहली पंक्ति में ही खड़ी दो बसों के डबल बैटरी और स्टेपनियां गायब मिलीं। अब आशंका जताई जा रही है की पीछे खड़ी बसों से भी चोरी हुई होगी इसलिए सभी बसों को बाहर निकालने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।