कुमाऊँ में एक युवक पर बाइक चोरी का आरोप सत्यापित होने के बाद उसको जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई, लेकिन जेल में अन्य कैदियों की सुरक्षा के लिहाज से आरोपित का पहले कोरोना टेस्ट करवाया गया। परिणामस्वरूप आरोपित को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई जिसके बाद उसको कोविड सेंटर भेज दिया गया। लेकिन आरोपित ने वहां से मौका पाते भाग जाने का प्लान बनाया और वहाँ से भागने में कामयाबी हासिल की । पुलिस के मुताबिक भागने के बाद पहले उसने ट्रांजिट कैंप में दोस्त से रुपये लिए और फिर ट्रक में बैठकर बहन के घर पहुंच गया। अब पुलिस उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।


18 सितंबर को ट्रांजिट कैंप पुलिस ने बाइक चोरी में मूलरूप से पीलीभीत और हाल ट्रांजिट कैंप निवासी धर्मपाल को गिरफ्तार किया था। जेल भेजने से पहले उसका टेस्ट कराया गया तो वह कोरोना पाजिटिव मिला था। इस पर पुलिस ने उसे 19 सितंबर को आनंदम बैंकट हॉल में बने कोविड केयर सेंटर में भर्ती कर दिया था। शनिवार तड़के वह कोविड सेंटर से फरार हो गया था। इस मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी। सीओ अमित कुमार ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि जब धर्मपाल पकड़ा गया था तो उसका एक दोस्त कुंवरपाल उससे मिलने आया था। इस पर पुलिस ने कुंवरपाल की खोजबीन कर पूछताछ की। पूछताछ में कुंवरपाल ने बताया कि धर्मपाल कोविड केयर सेंटर से भागने के बाद उसके पास आया और कुछ रुपये ले गया। बाद में पुलिस कुंवरपाल को साथ लेकर पीलीभीत धर्मपाल के घर गई। पता चला कि वह न्यूरिया, पीलीभीत निवासी अपनी बहन के घर में है। इस पर पीपीई कीट से लैस पुलिस टीम न्यूरिया गई और उसे पकड़ लिया। धर्मपाल ने बताया कि कोविड केयर सेंटर से भागने के बाद वह पैदल ही ट्रांजिट कैंप गया।