जिला रुद्रप्रयाग से चौकाने वाली खबर सामने आ रही है। कई लोगों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग लापरवाही से कार्य कर रहा है। आए दिन कोटेश्वर हस्पताल से खबर आ रही है कि मरीज को कुछ ही समय में घर भेजा जा रहा है। हस्पताल की इस हरकत से क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

जिला मुख्यालय के कोटेश्वर स्थित माधवाश्रम अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने 230 आइलोशन वार्ड और 6 आईसीयू यूनिट का कोविड-19 अस्पताल तैयार कर दिया है। यहां मरीजों को बेहतर चिकित्सा मिल सकेगी। माधवाश्रम अस्पताल कोटेश्वर के परिसर में विधायक निधि व सीएसआर फंड से टेंट लगाकर कोविड-19 अस्पताल तैयार किया गया है। इस अस्पताल में लगाए गए बेड स्वास्थ्य विभाग द्वारा बरेली से मंगाए गए हैं। इसके अलावा शौचालय व बाथरूम की उचित व्यवस्था की गई है। सीएमओ डा. एसके झा ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड-19 अस्पताल को तैयार किया गया है।

कल रविवार को अगस्त्यमुनि विजनगर में 14 लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए गये। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी संक्रमितों को लेकर कोटेश्वर हस्पताल में लेकर जाती है। लेकिन सुबह के गये सभी संक्रमितों को शाम को उनके घर छोड़ दिया गया और होम आइसोलेशन में रहने की बात कही गई। वहीं, कुछ दिन पहले जफर नाम के एक युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसको कोटेश्वर हस्पताल में महज चार दिन के उपचार के बाद घर भेज दिया गया। दावा किया गया कि जफर की रिपोर्ट चार दिन में पॉजिटिव से निगेटिव हो गई है।

इन घटनाओं के बाद जिला रुद्रप्रयाग में सनसनी फैली हुई है कि कोटेश्वर हस्पताल किस प्रकार से इलाज कर रहा है । साथ ही लोग भयभीत हैं कि ऐसा ही चलता रहा हो पूरा जिला ही संक्रमित न हो जाए। स्थानीय लोग इसको स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की लापरवाही मान रहे हैं। इसलिए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग से मांग कर रहे हैं कि जनता के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ न करें। जिससे आम जनता परेशान हो।