शुक्रवार को कोरोना के 831 नये केस सामने आए। 12 मरीजों की मौत हुई। कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 23011 पहुंच गई है। एक्टिव केस 7187 हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए देहरादून कलेक्ट्रेट में सात सितंबर से अगले आदेशों तक आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रीनगर गढ़वाल में भी कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। गुरुवार तक श्रीनगर में 57 मामले उजागर हो चुके हैं, 5000 सेम्पल जांच के लिए गये हुए हैं। जिसकी रिपोर्ट कल (शनिवार) को आएगी। श्रीनगर और श्रीकोट को शनिवार और रविवार को बन्द रखा गया है।

जिलों में कोरोना संक्रमण की स्थिति:- सबसे ज्यादा केस देहरादून में 205, हरिद्वार में 163, नैनीताल में 131 आए। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार 34 केस अल्मोड़ा, दस बागेश्वर, तीन चमोली, 24 चंपावत, 85 पौड़ी, 13 पिथौरागढ़, 13 रुद्रप्रयाग, 76 टिहरी, 63 यूएसनगर, 11 उत्तरकाशी में सामने आए। 502 मरीज ठीक भी हुए।

मौतों का आंकड़ा:- प्रेमनगर निवासी 70 वर्षीय महिला को 27 अगस्त को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती रखा गया था। देर रात महिला की मौत हो गई। इसी तरह श्यामपुर अंबीवाला निवासी 51 वर्षीय महिला को 25 अगस्त को दून मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें भी डॉक्टरों ने आईसीयू में भर्ती किया था, लेकिन डॉक्टर महिला की जान नहीं बचा सके। महिला ने गुरुवार रात दम तोड़ दिया।

सिंगुरी, घनेरी डूंडा, जिला उत्तरकाशी निवासी 34 वर्षीय युवक को परिजनों ने एक सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया था। इस युवक को भी हालत बिगड़ने पर आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन युवक की जान नहीं बच सकी। युवक को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। गुरुवार की देर रात युवक ने अंतिम सांस ली। उसके सैंपल को कोरोना जांच के लिए लैब भेजा गया था, लेकिन अब तक उसकी रिपोर्ट नहीं आई थी। इसलिए मृत युवक को स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन फिलहाल संदिग्ध कोरोना मरीज मानकर चल रहा है। वहीं, ओल्ड डालनवाला, करनपुर निवासी 35 साल के युवक को परिजन तीन सितंबर को दून मेडिकल अस्पताल में लाए थे। जहां देर रात युवक ने आईसीयू में दम तोड़ दिया। जबकि, शिवलोक कॉलोनी, रायपुर निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग को 28 अगस्त को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को बुजुर्ग ने आईसीयू में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। सभी शवों का परिजनों और पुलिस की मदद से अस्पताल प्रशासन ने कोविड गाइडलाइन के हिसाब से रायपुर स्पोटर्स कॉलेज के सामने स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कराया।