पहले जत्थे में सीमित संख्या में श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए। शुक्रवार को अरदास के बाद सुबह 10 बजे हेमकुंड सहिब गुरुद्वारे और लक्ष्मण मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोले जाएंगे। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने हेमकुंड साहिब के कपाट खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। गुरुवार को पंच प्यारे के नेतृत्व में गोविंदघाट गुरुद्वारे से श्रद्धालुओं का पहला जत्था हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हो गया।


शुक्रवार को हेमकुंड साहिब के कपाट सुबह 10 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। गुरुद्वारा कमेटी की ओर से हेमकुंड साहिब में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं। मैनेजमेंट कमेटी के पदाधिकारियों की ओर से यात्रियों को सरोपा भेंट कर हेमकुंड साहिब के लिये रवाना किया। गोविंद घाट से रवाना हुआ यात्रियों का जत्था आज रात्रि घांघरिया में विश्राम करेगा।

कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने वाले हर श्रद्धालु को 72 घंटे पहले कोविड का आरटीपीसीआर टेस्ट कराना अनिवार्य होगा। एक दिन में अधिकतम 200 श्रद्धालुओं को ही गोविंदघाट से हेमकुंड जाने की अनुमति मिलेगी। यात्रा लगभग एक महीने और 5 दिनों तक चलेगी। यात्रा के दौरान गुरुद्वारों में शारीरिक दूरी, मास्क पहनना एवं कोविड के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।