वायु सेना के फाइटर प्लेन ने बीते दो दिनों की तरह बुधवार को भी सीमांत क्षेत्र में उड़ान भरी। इसके साथ ही सीमांत उत्तरकाशी जिले में नेलांग सीमा की अंतिम चौकियों पर सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) के जवानों की संख्या बढ़ाई जा रही है। हालांकि, आइटीबीपी की उप महानिरीक्षक अपर्णा कुमार का कहना है कि उत्तराखंड से लगी सीमा पर हाई अलर्ट तो है, लेकिन फिलहाल गतिरोध जैसी कोई बात नहीं है। जो हिमवीर कोरोना पॉजिटिव हुए थे, उन्हें भी स्वस्थ होने के बाद अब सीमा पर भेजा जा रहा है। स्थानीय निवासियों का भी सेना के साथ अच्छा तालमेल है।

सीमांत जनपद उत्तरकाशी के नेलांग बॉर्डर की अंतिम चौकियों पर सेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। चीन सीमा से लगे इस बॉर्डर पर भी सेना को सतर्क किया गया है। सोमवार की सुबह वायु सेना ने विमान से दो बार उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्र का हवाई दौरा किया था। उत्तराखंड की चीन सीमा पर सुरक्षा की चौकसी को लेकर वायु सेना भी अलर्ट है। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर सेना की गतिविधि बढ़ गई है। सीमा की ओर जाने वाले जवान पहले चिन्यालीसौड़ में रूके हैं। सेना के जवानों की आवाजाही की स्थिति पिछले दो दिनों से बनी हुई।

विदित हो कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत-चीन के बीच बढ़ते तनाव के बाद उत्तराखंड के सीमांत इलाकों में भी वायु सेना पूरी तरह अलर्ट है। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर सेना की गतिविधियां बढ़ गई हैं। सीमा की ओर जाने वाले जवान चिन्यालीसौड़ में रूके हुए हैं और पिछले चार दिनों से उनकी आवाजाही जारी है। भारत-चीन के बीच उत्तराखंड में 345 किमी लंबी सीमा है। इसमें से 122 किमी हिस्सा उत्तरकाशी में पड़ता है। इस सीमा पर चौकसी की जिम्मेदारी आइटीबीपी के पास है।