पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर लेकर कर्मचारियों व शिक्षकों ने सामूहिक उपवास रखा। इस दौरान मुहिम को तेज करने पर बल दिया गया। बताया गया कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर 20 सितंबर से 30 सितंबर के मध्य जनप्रतिनिधयों को ज्ञापन दिए जाएंगे। रामनगर फॉरेस्ट कंपाउंड स्थित उपवास स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए कर्मचारी शिक्षक संगठन के मंडलीय अध्यक्ष नवेंदु मठपाल ने नई पेंशन स्कीम की खामियों पर प्रकाश डाला। कहा वर्ष 2004 में वाजपेयी सरकार के समय प्रारंभ की गई नई पेंशन स्कीम किसी भी कर्मचारी शिक्षक के हित में नहीं है।

पचास हजार रुपये मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को मात्र 3000 रुपये पेंशन मिल रही है। सरकार ने जिस प्रकार कार्मिकों की जीपीएफ का हजारों करोड़ रुपया शेयर मार्केट में लगा दिया है इससे स्थिति और भी बदतर हो गयी है। कहा केंद्र सरकार निजीकरण नीतियों को तेज करते हुए 50 वर्ष से ऊपर के कार्मिकों को जिस प्रकार जबरदस्ती रिटायरमेंट देने पर तुली है इससे स्थिति और भी भयावह हो जाएगी। पेंशन बहाली मंच के कोषाध्यक्ष जावेद ने सभी से एकजुट होने की अपील की। कहा कर्मचारियों की एकजुटता ही सरकार को पुरानी पेंशन देने को मजबूर कर सकती है।

कर्मचारियों का कहना है कि अगर कार्मिक के साथ कोई दुर्घटना हो गयी तो कार्मिक के परिवार को नई पेंशन योजना में किसी भी प्रकार का कोई लाभ नही मिलेगा। नई पेंशन स्कीम में कार्मिक के रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली समस्त धनराशि आयकर से भी मुक्त नही है अर्थात 40 फीसदी धनराशि कार्मिक को मिलेगी ही नही। प्राथमिक शिक्षक संघ के मनोज ने कहा नई पेंशन योजना में कार्मिक द्वारा जमा की गई धनराशि में भी भारी अनियमितता की खबरें लगातार आ रही हैं। इस दौरान जावेद, हेम पाडे, ब्रजमोहन रावत, गणेश पाडे, कैलाश चंद्र त्रिपाठी, गौरव शर्मा, विनोद जोशी, दिलीप फत्र्याल, राजेन्द्र रावत, मोहन सिंह मौजूद रहे।