उत्तराखंड पुलिस में पदोन्नति की पारदर्शी व्यवस्था के लिए करीब दो साल पहले नियमावली लाई गई थी, लेकिन नियमावली में कुछ पेच ऐसे फंसे कि मंजूरी के बावजूद भी इस पर अंतिम निर्णय नही लिया जा सका था। हालांकि, पिछले महीने शासन ने सेवा नियमावली को मंजूरी दे दी। जिसके बाद पुलिस मुख्यालय के कार्मिक अनुभाग ने जिलों से पदोन्नति के दायरे में आने वाले दारोगाओं की सूची भी मंगा ली। अगस्त के पहले सप्ताह में इसके आधार पर वरिष्ठता सूची जारी कर दी गई।

राज्य पुलिस के 88 दारोगाओं का इंस्पेक्टर बनने का ख्वाब सोमवार को पूरा हो गया। पुलिस मुख्यालय ने दारोगा से इंस्पेक्टर बने पुलिसकर्मियों की सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। आपको बता दें कि दारोगाओं की पदोन्नति में पेच वर्ष 2016 में फंसा तो प्रक्रिया उलझती ही चली गई। नतीजा यह हुआ साल 2017, 18 और 19 में एक भी दारोगा की पदोन्नति नही हुई। जिन 88 दारोगाओं की पदोन्नति हुई है, वह सभी सिविल पुलिस के हैं। अभी इंटेलीजेंस के 32 और पीएसी के 56 दारोगाओं की पदोन्नति शेष है। पहली सूची आने में बाद माना जा रहा है कि जल्द इन 88 दारोगाओं का भी इंस्पेक्टर बनने का सपना पूरा हो जाएगा।

दारोगाओं की पदोन्नति में पेच वर्ष 2016 में फंसा तो प्रक्रिया उलझती ही चली गई। नतीजा यह हुआ 2017, 18 और 19 में एक भी दारोगा की पदोन्नति नही हुई। मामला कोर्ट पहुंचा तो दो साल पहले संशोधित सेवा नियमावली पर काम शुरू हुआ।