अगर आपने बिजली का भरपूर प्रयोग करने के बाद बिल समय पर नहीं चुकाया तो दिक्कत हो सकती है। स्मार्ट मीटर के जरिए अधिकारी कंट्रोल रूम में ही बैठकर आपके घर की या कार्यालय की बिजली गुल कर देंगे।

स्मार्ट मीटर लगाने की केंद्र सरकार की योजना को पहले ही धरातल पर आना था मगर कोविड 19 के चलते यह योजना अधर में लटक गई। अब ऊर्जा निगम सभी उपभोक्ताओं के घर और व्यावसायिक कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर काम कर रहा है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद निगम के अधिकारियों को पता चल सकेगा कि कौन उपभोक्ता कितनी बिजली की खपत कर रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने से पहले बकाएदारों से पुराना बकाए लिया जाएगा।ऐसे काम करेगा स्मार्ट मीटर स्मार्ट मीटर के अंदर एक विशेष प्रकार की डिवाइस लगी होगी। बिजली का बिल समय पर अदा न करने पर ऊर्जा निगम की ओर से उपभोक्ता को एक बार चेतावनी संदेश भेजा जाएगा। इसके बाद कार्यालय में बैठे-बैठे ही अधिकारी बिजली बंद कर देंगे।

ऊर्जा निगम प्री पेड मीटर लगाने पर भी विचार कर रहा है। प्री पेड मीटर मोबाइल रिचार्ज की तर्ज पर काम करेगा। जितनी धनराशि से रिचार्ज कराया जाएगा उपभोक्ता उतनी ही बिजली का उपभोग कर सकेंगे। साथ ही उपभोक्ता ने अगर कटिया डालकर बिजली का प्रयोग किया तो ट्रांसफार्मर में लगा मीटर उस क्षेत्र में बिजली की खपत के बारे में जानकारी देगा। इससे चेकिंग कर पता चल सकेगा कि बिजली की चोरी कौन कर रहा है। चोरी करने वाले उपभोक्ता के घर का लोड और रिचार्ज कराकर प्रयोग की जा रही बिजली की खपत का आंकलन कर चेतावनी देने के साथ ही कार्रवाई की जा सकेगी।

स्मार्ट मीटर लगाने की योजना केंद्र सरकार की है और इस पर काम शुरू होना था मगर कोविड 19 के चलते अभी काम शुरू नहीं हो सका है। स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर खाका तैयार किया जा रहा है और जल्द ही यह धरातल पर दिखाई देगी।