उत्तराखंड राज्य में लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में सरकार वक्त पर तो सोई रही लेकिन जब संक्रमण से लोगों को बचाना चाहिए उस वक्त परीक्षाएं करवाई जा रही है। कुमाऊं विश्वविद्यालय की परीक्षा कराने से नाराज एनएसयूआइ कार्यकर्ता व छात्र नेताओं ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। उन्होंने उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धन सिंह रावत व कुलपति की प्रतीकात्मक स्वरूप शव यात्रा निकाली। इसके बाद दहन किया गया।

सोमवार को एनएसयूआइ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मो. हासिम के नेतृत्व में छात्र नेता नारेबाजी करते हुए प्रतीकात्मक अर्थी को कंधे में रखकर लखनपुर चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी करने के बाद दोनों अर्थियों को चौराहे पर जलाया। इस दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि कोरोना के मामले प्रदेश में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पहले उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने कुमाऊं विवि के अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं को बिना परीक्षा के अगली कक्षा में प्रमोट करने की बात कही थी। अब वह अपने बयान से पलट गए हैं। कोरोना के बीच परीक्षा कराने से छात्रों में संक्रमण का खतरा बना रहेगा। जब हर रोज कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में परीक्षा कराने का फैसला छात्र हितों के विपरीत किया है। कॉलेज में एक कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव आया है। लेकिन कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के स्वास्थ को लेकर कोई कदम नहीं उठाए हैं। छात्र ऐसी विषम परिस्थितियों में परीक्षा देने को मजबूर है। उन्होंने मंत्री का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की।


आगामी 17 सितम्बर को देश में "युवा बेरोजगार दिवस" मनाया जा रहा है। छात्र संगठन एकजुट होकर इसका समर्थन कर रहे हैं। देश में रोजगार के लिए परीक्षाएं करवाने को लेकर राज्य व केंद्र सरकारें कोरोना का बहाना बना रही हैं। जबकि विश्विद्यालय और जेईई व नीट की परीक्षाओं के लिए छात्रों को एक जगह से दूसरे जगह दौड़ाया जा रहा है। सरकार के दोहरे चरित्र के लिए और प्रधानमंत्री को उनके खोखले वादे याद दिलाना के लिए पूरे देश में छात्र संगठनों ने युवा बेरोजगार दिवस का 17 सितम्बर को आवाहन किया है।