टिहरी में हाल में आये डीएम मंगलेश घिल्डियाल को केंद्र सरकार ने पीएमओ में तैनाती दे दी है। मंगलेश घिल्डियाल की छवी एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ जिलाधिकारियों में से है। अब तक मंगलेश घिल्डियाल ने जिन जिलों में बतौर जिलाधिकारी कार्य किया, उन जिलों में कार्यों में तेजी व पारदर्शिता देखने को मिली। मंगलेश घिल्डियाल उन चंद डीएमों में से हैं जो गलत को गलत और सही को सही कहने का साहस रखते हैं। उनका यही बेवाक अंदाज लोगों को उनकी ओर आकर्षित करता है। उत्तराखंड के युवाओं में मंगलेश घिल्डियाल की अलग ही लोकप्रियता है। समय समय पर युवाओं की मदद के लिए घिल्डियाल ने बहुत से कार्य भी किये हैं। युवाओं में प्रोत्साहन बनाए रखने में भी मंगलेश घिल्डियाल बहुत लोकप्रिय डीएम रहे हैं। हाल ही में उन्होंने नरेंद्र सिंह नेगी जी के गीतों से पहाड़ी क्षेत्र की महत्ता को समझया और उनके वीडियो काफी चर्चा में बने रहे ।

घिल्डियाल ने टिहरी के बागडोर संभालते ही टिहरी जिले में अपनी सक्रियता दिखाई। कोरोना की रोकथाम के लिए अतुलनीय कार्य किए। लेकिन सितम्बर में अचानक से खबर आई की उनको पीएमओ के लिए चयनित किया गया है। इस खबर से डीएम घिल्डियाल को तो खुशी मिली होगी लेकिन टिहरी जिला वासियों के चेहरे पर एक उदासी है। क्योंकि घिल्डियाल जैसा कर्मठ व्यक्ति किसी किसी जिले को ही मिलता है। टिहरी, जो की कभी उत्तराखंड का सर्वाधिक मजबूत किला होता था आज पलायन की मार से खाली हो चुका है। व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमाई हुई हैं। न शिक्षा व्यवस्था सही और न स्वास्थ्य, ऐसे में डीएम मंगलेश घिल्डियाल का आकर जिले से चला जाना लोगों की निराशा का कारण बना हुआ है।

उनकी इस नई जिम्मेदारी को अब राजनीतिक चश्मे से भी देखा जाने लगा है। डीएम घिल्डियाल गंगोत्री ऑल वेदर रोड के कार्य से संतुष्ट नही थे। उन्होंने खड़ी कटाई और डंपिंग जोन को लेकर कई सवाल उठाए थे। मामला कोर्ट में भी पहुंच गया था, जिसमें याचिका में साफ कहा गया था कि पहाड़ो की खड़ी कटाई से पहाड़ स्थिर कैसे बने रह सकते हैं। किसी भी हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा ? सड़क निर्माण में बने डंपिंग जोन भी गलत तरीको से बनाए गए। आपको बता दें कि नवम्बर में मोदी जी ऑल वेदर रोड का उदघाटन करने का ऐलान कर चुके हैं ऐसे में डीएम घिल्डियाल जैसे ईमानदार व्यक्ति किसी प्रकार की बाधा न बने इसलिए हो सकता है कि उनको सोची समझी रणनीति के तहत टिहरी सेडीएम पद से पीएमओ में तैनाती दी गई हो। भाजपा का खेल समझना आम आदमी के बस से बाहर है। क्योंकि जिस ऑल वेदर रोड का उदघाटन करने नवम्बर में मोदी आएंगे उसपे 30% कार्य भी सही से नही हुआ है। जहां सड़क पूर्व से चौड़ी थी वहीं पर थोड़ा बहुत लीपापोती हुई जो आज बची हुई है, बाकी तो सड़क पहले से भी खस्ताहाल में है। सड़क की कीमत से ज्यादा के तो वृक्ष ही बेच खा गई सरकार और गलत कटाई से अब तक जिन लोगों की जाने गई वो अलग।


डीएम घिल्डियाल जैसे लोगों की जरूरत राज्य को है न की केंद्र को । क्योंकि राज्य में अगर ईमानदारी से कार्य नही होगा तो केंद्र की सहायता भी किसी काम की नही रह जाती। आप जानते थे कि गंगोत्री सड़क का सही मानकों पर बनना कितना जरूरी था, ऐसे में टिहरी डीएम को अचानक से पीएमओ में तैनाती अपने आप में कई सवाल खड़े करती है।