बागेश्वर जिले में बुधवार को भूस्खलन से तीन और मकान ध्वस्त हो गए। मलबा आने से आठ सड़कें आवागमन के लिए पूरी तरह बंद हैं। नाघर-माजिला गांव में छह दिन से पेयजल का संकट है। बुधवार को सुबह तेज धूप निकली। अलबत्ता शाम होते-होते कई इलाकों में बूंदाबांदी की सूचना है।

पिछले 24 घंटे में गरुड़ क्षेत्र में ढाई एमएम बारिश रिकार्ड की गई। कपकोट और बागेश्वर में बारिश नहीं हुई। बुधवार को बूंदाबांदी के दौरान अतिवृष्टि से सेल्टा गांव निवासी रतन राम, ताछणी निवासी सतीश चंद्र, द्वारी निवासी आन सिंह का मकान ध्वस्त हो गया है। प्रभावित तीन परिवारों ने पड़ोसियों के यहां शरण ली है। दूसरी ओर, नाघर-माजिला पेयजल योजना छह दिन बाद भी सुचारु नहीं हो सकी है।


एडीबी आपदा खंड लोनिवि बागेश्वर की रौल्याना-लोहागढ़ी समेत आठ मोटर मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गए हैं। जिससे दस हजार से अधिक ग्रामीण जनता प्रभावित हो गई है। तहसील कपकेट में दोफाड़-पपों-रताइस, भयूं-गडेरा मोटर मार्ग भू-धंसाव होने से बंद हैं। पीएमजीएसवाइ सिचाई विभाग का मोटर मार्ग धपोली-जेठाई, हवीलकुलान, कपकोट में कर्मी-तोली, बघर, रिखाड़ी-बाछम, धरमघर-माजखेत सड़क मलबा आने से अवरुद्ध हो गए हैं।

विनीत कुमार, जिलाधिकारी, बागेश्वर का कहना है कि मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी पर आपदा कंट्रोल रूम थानों को अलर्ट किया गया है। किसी भी घटना के घटित होने पर त्वरित गति से सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। सड़क और पेयजल योजनाओं को दुरस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।