देवप्रयाग क्षेत्र में गुलदार ने लंबे समय से आतंक मचाया हुआ था। पिछले सप्ताह एक युवक को भी गुलदार ने अपना निवाला बना दिया था। ये गुलदार जॉय हुकिल का 38 वां शिकार था, जिसे मार गिराने में एक सप्ताह की मेहनत लगी है। आतंक का पर्याय बने आदमखोर गुलदार(तेंदुआ) को बीती देर रात ढेर कर दिया गया है।

मलेथा गांव में ही बीती आठ अगस्त को गुलदार ने एक युवती को आंगन से उठाकर अपना निवाला बना डाला। उसके बाद ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने पिंजरा लगाया था, लेकिन गुलदार पिंजरे में नहीं फंसा। फिर दस अगस्त को इसी गुलदार ने रात लगभग तीन बजे बडोला गांव में घर के बरामदे में 45 वर्षीय मंगशीरी देवी पत्नी शूरवीर सिंह पर हमला कर दिया। महिला के शोर मचाने पर गुलदार वहां से भाग निकला।

उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है। टिहरी जिले के कई इलाकों में गुलदार को अक्सर देखा जाता है, जिससे लोगों में दहशत है। स्वतंत्रता दिवस पर आदमखोर ने जिले के मलेथा गांव में वन दारोगा और तीन स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया। घात लगाए बैठे गुलदार के यूं अचानक हमला करने से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अब लोगों ने थोड़ा चैन को सांस ली है।