टनकपुर, नींद टूटने से झल्लाकर नरेश ने लात-घूसों से बच्चे के पेट में प्रहार कर उसकी चार पसलियां तोड़ डालीं। मां बीच-बचाव के लिए पहुंची तब तक बच्चे के मुंह से खून निकलने लगा था। अंदरूनी चोट के कारण उसमें बेहोशी छाने लगी थी। बावजूद इसके उस दरिंदे का दिल नहीं पसीजा और वह घायल बच्चे को तड़पता छोड़कर घर से भाग निकला। साथ ही घायल बच्चे को घर से बाहर या अस्पताल ले जाने पर वह शबाना को जान से मारने की धमकी दे गया।

पुलिस के मुताबिक वारदात 29 अगस्त की सुबह करीब साढ़े चार बजे की है। सुबह होने के बाद वह तड़पते बच्चे को छोड़कर निकल गया था। शाम करीब छह बजे वह घर लौटा तो तब तक बच्चे की आंखें बंद हो चुकी थीं। पत्नी की जिद पर वह बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल की ओर ले जा रहा था। रेलवे क्रासिंग के पास पहुंचते ही नरेश समझ चुका था कि अब मासूम सोनू जिंदा नहीं है। इस पर वह बच्चे का शव शबाना को थमाकर मौके से भाग खड़ा हुआ। शबाना चिल्लाती रही कि 'रोको-रोको हत्यारा भाग रहा है' पर वह हत्थे नहीं चढ़ा। अस्पताल में चिकित्सकों ने सोनू की मौत की पुष्टि कर दी। शक होने पर पुलिस ने नरेश को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू की तो हत्यारोपी टूट गया और उसने राज उगल दिया। 

बताया जा रहा है कि महिला के पूर्व पति से दो संताने थी। लेकिन पूर्व पिता से रिश्ता टूटने के बाद उनको फिर पिता का प्यार नशीब नही हुआ। महिला जिसके साथ अब रह रही थी वो जल्लाद निकला। कहा जा रहा है कि उसको इन दोनों बच्चों से पहले से ही नफरत थी। जांच में सामने आया है कि शारदा खनन क्षेत्र में छानने का काम करने वाला नरेश आए दिन शराब के नशे में धुत रहता था। कुछ दिन पूर्व ही उसने शराब पीकर घर में उत्पात मचाया था। साथ ही, मारपीट भी की थी। इसके चलते मकान मालिक ने नरेश से घर खाली करवा दिया था। तब से वह उसी वार्ड के किसी दूसरे घर में रहता था।