चीन के हेबेई(हुनान) प्रांत में जमीन से 218 मीटर की ऊंचाई पर करीब 430 मीटर (1410 फीट) लंबे कांच के पुल का निर्माण किया गया है। चार सेंटीमीटर मोटे 1077 पारदर्शी कांच के टुकड़ों से दो चट्टानों के बीच लटके इस पुल को आम पर्यटकों के लिए वर्ष 2017 में खोला गया था। इसके बाद से विश्व पर्यटन के क्षेत्र में इसने तेजी के साथ लोकप्रियता हासिल कर ली थी।


ऋषिकेश में चीन के हेबेई प्रांत की तरह आस्था पथ पर चंद्रभागा नदी और गंगा को जोड़ने के लिए कांच का पुल बनाए जाने की कवायद परवान चढ़ने से पहले ही ध्वस्त हो गई। हरिद्वार कुंभ मेला-2021 के तहत ऋषिकेश आस्था पथ, चंद्रभागा और गंगा के सौंदर्य को विश्व पर्यटन के नक्शे पर अलग पहचान दिलाने को कांच का पुल बनाने की योजना बनाई गई थी। ऋषिकेश में आस्था पथ के 'टी-प्वाइंट' पर गंगा और चंद्रभागा आमने-सामने तट पर प्रस्तावित पांच करोड़ की लागत की इस योजना को शासन से सुरक्षा लिहाज से खतरनाक मानते हुए खारिज कर दिया। कोरोना संक्रमण काल और लॉकडाउन के चलते कुंभ मेला के आयोजन और उसके आकार को लेकर पैदा हुई नयी परिस्थितियों ने यहां किसी भी तरह का कोई पुल बनने की संभावना ही खत्म कर दी।

हरिद्वार कुंभ की तैयारियों में लगे कुंभ मेला अधिष्ठान की टीम ने ऋषिकेश में कुंभ मेला निधि से बन रहे आस्था पथ के पास चंद्रभागा नदी और गंगा को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए 80 मीटर के प्रस्तावित पुल को चीन के कांच के पुल की तर्ज पर बनाने का खाका खींचा था। उद्देश्य था, आस्था पथ के जरिए ऋषिकेश के प्राकृतिक सौंदर्य को विश्व पर्यटन के क्षेत्र में अलग पहचान दिलाना।