प्रदेश में मानसून जून के अंतिम सप्ताह में सक्रिय हुआ, लेकिन इसकी रफ्तार मंद रही। जुलाई में भी बारिश सामान्य से कम थी, लेकिन अगस्त में मानसून ने रफ्तार पकड़ी। हालांकि इसका ज्यादा असर पहाड़ पर ही रहा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगस्त में बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच गया है। इस दौरान सामान्य से आठ फीसद कम बारिश हुई है। रविवार आधी रात के बाद देहरादून-मसूरी हाईवे मलबा आने से बंद हो गया। लोक निर्माण विभाग की टीम मलबा हटाने में जुटी है, लेकिन पहाड़ से गिर रहा मलबा इसमें अड़चन बना हुआ है। प्रशासन के अनुसार मौके पर चार जेसीबी लगाई गई हैं। फिलहाल छोटे वाहनों को ही आने-जाने की अनुमति है। दूसरी ओर गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में मुख्य मार्गों पर यातायात सुचारु रहा, हालांकि प्रदेश में अब भी 50 संपर्क मार्ग बंद हैं।

कुमाऊं के बागेश्वर में अब तक सर्वाधिक 1797 मिमी बारिश रिकार्ड की गई जो कि सामान्य से करीब तीन गुनी है। वहीं पिथौरागढ़ और चमोली में भी अच्छी बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार इस सीजन में मानसून सामान्य रहने के आसार हैं। वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में मंगलवार को दून समेत सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। लेकिन बुधवार को देहरादून, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की आशंका है। इस दौरान कहीं-कहीं आकाशीय बिजली भी गिर सकती है।


अगस्त में अल्मोड़ा, चंपावत, देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं, चमोली में सर्वाधिक 240 मिमी बारिश रिकार्ड की गई, जो कि सामान्य से दोगुना है। उन्होंने बताया कि सितंबर के पहले पखवाड़े तक बारिश सामान्य रहेगी, लेकिन माह के मध्य में इसमें तेजी आ सकती है। इस दौरान लगभग सभी जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक के स्तर पर पहुंच सकती है।