रोजगार के नाम पर सरकार युवाओं को केवल सुनहरे सपने दिखा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति अलग है। राज्य में एक प्रकार से फर्जी भर्तियों का दौर चल रहा है। भर्ती आवेदन के छह-छह माह तक राज्य सरकार परिक्षएँ नही करवा पा रही है। यदि परीक्षा हो भी गई तो फिर इतना ही या इससे अधिक समय रिजल्ट आने में लग रहा है। वन कर्मी जैसे पदों पर खुले आम धांधली, सरकार के खिलाफ बोलने वाले युवाओं पर लाठी चार्ज, यही सब चल रहा है भाजपा के राज में । 

पथरी क्षेत्र के गांव रानीमाजरा में हुई कांग्रेस की बैठक में हरिद्वार ग्रामीण जिला अध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। रोजगार की तलाश में युवा भटक रहे हैं। रोजगार के नाम पर सरकार युवाओं को केवल सुनहरे सपने दिखा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति अलग है। रोजगार देने में विफल रहे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए। इस दौरान कई युवाओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर पंडित अभिषेक, दिनेश कश्यप, जोगिदर कश्यप, विशाल चौहान मौजूद रहे।


युवाओं का कहना है कि कांग्रेस के राज में सभी परीक्षा फॉर्म निशुल्क कर दिए गये थे। 2015-16 से पहले विभिन्न विभागों द्वारा बराबर विज्ञप्ति निकाली जाती थी। परीक्षाएं तय समय सीमा में हो जाती थी। लेकिन जबसे राज्य की बागडोर भाजपा के हाथों में गई है, बेरोजगार व बेरोजगारी का आंकड़ा कई गुना बढ़ गया है। युवा शिक्षा से कम और रोजगार से अधिक त्रस्त हो गए हैं। दिन ब दिन युवा बेरोजगारी के चलते आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। पिछले चार माहों में उत्तराखंड में 400 से अधिक लोगों ने आत्महत्या की है। जिसमें अधिकांश आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे और इसमें भी अधिकांश नौजवान युवा लोग ही थे। सरकार खमोश है क्योंकि राज्य सरकार को उम्मीद है कि मोदी के सहारे पार लग ही जाएगा। लेकिन अब युवाओं का रुझान बता रहा है कि भाजपा की राह आसान नही है।