उत्तराखंड में निजी हस्पताल किस प्रकार से लूट रहे है इसका एक नमूना तब समाने आया जब बीजेपी पार्टी के एक पूर्व पार्षद की निजी हस्पताल में मौत हो गई । देहरादून में बीजेपी के पूर्व पार्षद की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। 7 अक्टूबर से पूर्व पार्षद मैक्स अस्पताल देहरादून में भर्ती थे। रविवार को अस्पताल प्रशासन ने 12 लाख का बिल थमा दिया और पूर्व पार्षद को मृत घोषित कर दिया जिसके बाद परिजन ने आपत्ति जताई।12 लाख रुपये बिल देख कर अब सरकार को भी लगने लगा है कि प्रदेश में निजी हस्पतालों ने लूट मचा रखी है।



हस्पताल की इस हरकत पर समर्थकों का जमावड़ा अस्पताल के बाहर लग गया। मामला बिगड़ता देख मौके पर पुलिस और राजपुर विधायक खजांदास पहुंचे और अस्पताल प्रशासन से बात की। राजपुर विधायक खजांदास ने बताया कि पूर्व पार्षद 7 अक्टूबर को भर्ती हुए थे जिसके बाद 4 लाख रुपये परिजन ने जमा करवा दिए थे। रविवार को अस्पताल ने बताया कि पूर्व पार्षद की मौत हो गई है और 12 लाख का बिल जमा करवा दीजिए। बिल न देने पर शव देने से इनकार किया गया जिसके बाद समर्थक और परिजनों ने विरोध किया। विधायक ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर अस्पताल प्रशासन से बात की गई। 5.5 लाख रुपये मुख्यमंत्री कोष से जारी करवा दिए गए हैं और 3 लाख जमा करवा दिए गए। विधायक ने यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री से इस बारे में बात करेंगे कि इस तरह की लूट खसोट आम जनमानस के साथ बंद होनी चाहिए।