सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने 15 अक्तूबर से चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोलने पर सहमति दे दी है। शुक्रवार को वर्चुअल क्लासरूम के जरिए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के साथ संवाद में शिक्षकों ने प्रथम चरण में केवल 10 और 12 वीं कक्षा के छात्रों को स्कूल आने की अनुमति देने को कहा है। तपोवन स्थित राजीव नवोदय विद्यालय परिसर स्थित वर्चुअल क्लास रूम के सेंट्रल स्टुडियो में डेढ़ घंटे तक चले इस संवाद में शिक्षकों ने एकसुर में स्कूल खोलने की पैरवी की। छात्रों को स्कूल बुलाने से पहले स्कूलों में सुरक्षा-स्वच्छता के पर्याप्त इंतजाम करने का सुझाव भी शिक्षकों ने दिया।


शिक्षकों ने कहा कि स्कूल खोलने से पहले सरकार सभी शिक्षकों का कोरेाना टेस्ट भी जरूर कराए। कोरोना संक्रमण से सुरक्षित शिक्षकों को ही स्कूल आने की इजाजत दी जाए।शिक्षा मंत्री ने कहा कि अभिभाव, प्राइवेट स्कूल और शिक्षकों के सुझावों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। आगामी 14 अक्तूबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इस रिपोर्ट को रखा जाएगा। कैबिनेट तय करेगी कि स्कूलों को कब और कैसे खोला जाना है। गढ़वाल मंडल के अपर निदेशक-माध्यमिक महावीर सिंह बिष्ट ने कहा कि कई शिक्षक अपने तैनाती स्थल से काफी दूर रहते हैं। नियमित रूप से अप-डाउन करते हैं। ऐसे में शिक्षकों में संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसलिए स्कूल आने वाले सभी शिक्षकों की कोरोना जांच होनी चाहिए। पिछले करीब छह महीने से स्कूल बंद हैं। हो सकता है वहां इस वक्त साफ-सफाई न हो। पर्वतीय क्षेत्र के स्कूलों में सांप-बिच्छु भी हो सकते हैं। इसलिए स्कूल खोलने से एक हफ्ता पहले से वृहद सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए।