भाजपा की कथाकथित स्मार्ट सिटी योजना की पोल खोल रही है रुड़की के मालवीय चौक से लेकर रेलवे स्टेशन पर जाने वाली सड़क । देहरादून, रुड़की जैसे शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के सपने दिखाने वाले आज शहर की सड़कों की हालत देख लें तो शायद सड़क में बने खड्डों में उनको अपनी शक्लें दिख जाएंगी । रुड़की के मालवीय चौक से लेकर रेलवे स्टेशन पर जाने वाली सड़क शहर के स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल रही है। एक साल होने को है, लेकिन अभी तक सड़क की मरम्मत तक नहीं हो सकती है। ऐसा कोई दिन नहीं जब कोई चोटिल ना होता हो। त्योहारी सीजन में इस सड़क से गुजरना मुश्किल हो गया है।


स्टेशन पर जाने के लिए इसी सड़क का पूरा शहर इस्तेमाल करता है। लॉकडाउन एवं अनलॉक होने के बाद से इस सड़क पर अभी अन्य वर्षों की तुलना में उतना ट्रैफिक नहीं है, जितना पहले था, लेकिन फिर भी आवागमन जारी है। डेढ़ किमी की यह सड़क पिछले साल सर्दी के मौसम में हुई बारिश के बाद गड्ढों में तब्दील हो गई। नगर निगम की ओर से दावा किया गया कि सड़क को बना दिया जाएगा, लेकिन सड़क नहीं बनाई गई। लॉकडाउन से पहले नगर निगम की ओर से सड़क के गड्ढों को भरवाने का काम किया गया। गड्ढों में डाली गई मिट्टी निकलकर बाहर आ गई है। इस सड़क के संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया जा चुका है। लिखित में शिकायत की गई। यहां तक की सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। इस संबंध में नगर विधायक प्रदीप बत्रा ने बताया कि दो माह पहले बजट आ चुका है, लेकिन लोक निर्माण विभाग वर्क आर्डर जारी नहीं कर रहा है। इस बारे में लोनिवि के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।


देहरादून की सड़कों का भी यही हाल है। कारगी चौक से बंजारावाला की ओर आने वाली सड़क पर लॉकडाउन से पूर्व पड़ें गड्ढों में ई-रिक्सा कई बार पलटे लेकिन शासन प्रशासन ने कोई ध्यान नही दिया। थक हार कर ई-रिक्सा चालको ने गड्ढों पर स्वयं मिट्टी भरी, लेकिन जब मिट्टी से भी काम नही चला तो स्वयं से पैसे एकत्रित कर सड़क पर टाइल डलवाई । ये वही स्मार्ट सिटी है जहाँ मुख्यमंत्री खुद निवास करते है और उनका मंत्रीमंडल भी इसी सिटी में रहता है। शहर के अंदर दर्जनों ऐसी सड़के है जहाँ सड़कों के बीचों बीच गड्ढे पड़े हुए हैं । कहने को यही शहर राजधानी भी है लेकिन दो-चार जगह को छोड़ राजधानी की स्थिति भी सामान्य शहर जैसी ही है।