उत्तराखंड में अब मौतों के आंकड़े में तेजी देखने को मिल रही है। लेकिन अब शासन/प्रशासन को इन बातों को कोई फिक्र नही है। शुरू शुरू में भाजपा ने अपनी पीठ खूब थपथपाई लेकिन जब मामले बढ़ने लगे तो जनता को जिम्मेदार बता कर पल्ला झाड़ दिया । बुधवार को प्रदेश में कोरोना संक्रमित 22 मरीजों की मौत हुई है। साढ़े छह माह में यह पहली बार है जब एक दिन में इतनी मौत हुई हैं। मरने वालों की कुल संख्या 614 पहुंच चुकी है। इनमें करीब 56 फीसद यानी 345 की मौत सितंबर में हुई है।


बुधवार को हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में पांच, हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट, सेना अस्पताल रुड़की व मेडिसिटी हॉस्पिटल रुद्रपुर में तीन-तीन, दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय व बेस अस्पताल श्रीनगर में दो-दो और मेट्रो अस्पताल हरिद्वार में कोरोना संक्रमित एक मरीज की मौत हुई है। अब तक 49 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 39035 लोग ठीक हो गए हैं। वर्तमान में 9108 एक्टिव केस हैं, जबकि 243 मरीज राज्य से बाहर चले गए हैं।


सर्वाधिक रिकॉर्ड में इस प्रकार रहे जिले:- देहरादून में फिर सबसे अधिक 336 लोग संक्रमित मिले हैं। हरिद्वार में 133 व नैनीताल में 112 की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पौड़ी में 65, चमोली में 61, टिहरी में 59, ऊधमसिंह नगर में 58, चंपावत में 54, उत्तरकाशी में 41, बागेश्वर में 26, पिथौरागढ़ में 24, अल्मोड़ा में 20 और रुद्रप्रयाग में 16 लोग संक्रमित मिले हैं।