जल संस्थान में एई-जेई के खाली पदों पर भर्ती का प्रस्ताव आयोग भेजा जा रहा है। जबकि, पेयजल निगम प्रस्ताव पहले ही भेज चुका है। पेयजल की दोनों ही एजेंसियों में एई और जेई की भारी कमी है। खासतौर पर जेई के पद सबसे ज्यादा रिक्त हैं। इसका असर विभागीय कामकाज पर पड़ रहा है। जल निगम, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को जेई के 222 पद और एई के 23 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भेज चुका है। जल संस्थान में एई के 25, जेई के 75 पदों पर भर्ती होनी है। जल संस्थान ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन में पेयजल विभाग की ओर से नई भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। जल जीवन मिशन के लिए उत्तराखंड सरकार ने दिसंबर-2021 तक लक्ष्य रखा है। हर हाल में इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना है।


जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने में इंजीनियरों की भारी कमी सबसे बड़ी बाधा बन रही थी। इस कमी का अस्थायी समाधान निकाल लिया गया है। यह प्रोजेक्ट पूरा कराने के लिए जल संस्थान और पेयजल निगम में सिंचाई विभाग के डिवीजनों के इंजीनियरों से काम लिया जाएगा। देहरादून के साथ ही बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल में सिंचाई विभाग के इंजीनियर काम करेंगे।