एक वर्ष के भीतर सरकारी महकमों में रिक्त साढ़े आठ हजार से ज्यादा रिक्त पदों को भरा जाएगा। इसके अतिरिक्त उद्योगों समेत विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने अपनी इस मुहिम को शीर्ष प्राथमिकता बना दिया है। वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा बनने के संकेत हैं।

कांग्रेस इस मुद्दे पर प्रदेश और केंद्र, दोनों ही सरकारों के खिलाफ हमलावर है। प्रदेश में पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर जिलेवार प्रदर्शन किए जा चुके हैं। विपक्ष के इस मंसूबे को भांपकर प्रदेश भाजपा सरकार ने रोजगार के अवसरों के अधिक से अधिक सदुपयोग को अपनी नई रणनीति में शामिल कर लिया है। कोरोना महामारी के चलते चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई है। कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा कम होने के बजाय और बढ़ रहा है, इसके बावजूद सरकार अब भर्तियों में ढिलाई नहीं होने देना चाहती है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभिन्न महकमों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के आदेश दिए हैं। 

मुख्यमंत्री के निर्देशों के मद्देनजर कार्मिक ने भी विभिन्न भर्ती आयोगों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। इसके मद्देनजर अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की ओर से भर्ती प्रक्रिया तेज की गई है। आयोग एलटी शिक्षकों के लिए रिक्त 1341 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर चुका है। इसीतरह राज्य लोक सेवा आयोग के पास सरकारी विद्यालयों में प्रवक्ताओं के लिए 540 पदों पर भर्ती अधियाचन भेजा जा चुका है। सरकारी डिग्री कॉलेजों में रिक्त शिक्षकों के 350 पदों पर भी आयोग भर्ती प्रारंभ करेगा। अधीनस्थ आयोग करेगा 7200 पदों पर भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग में 1145 पदों पर चयन प्रक्रिया चल रही है।