सूत्रों के अनुसार पार्षद घर से बाहर बहुत खास काम से ही निकलते थे । पार्षद धामी घर पर भी सिर्फ परिचित लोगों से ही मिलते थे। ऐसे में चर्चा है कि हत्या में धामी का कोई पूर्व परिचित भी शामिल हो सकता है। क्योंकि धामी आमतौर पर किसी परिचित के आने पर ही घर से बाहर निकलते थे। बताया ये भी जा रहा है कि सोमवार सुबह हमलावरों ने किसी कागज पर हस्ताक्षर कराने एवं मुहर लगवाने के बहाने उन्हें घर से बाहर बुलाया था और ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी। आपको बता दें कि पार्षद धामी के पेट, छाती और सर पर गोली मारी गई हैं। पार्षद प्रकाश धामी की दिन में ही गोली मारकर हत्या किए जाने पर लोगों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है।



भाजपा समर्थित पार्षद की हत्या के बाद रुद्रपुर कोतवाली पुलिस के साथ ही जिले के छह थानों के तेज तर्रार उप निरीक्षक रुद्रपुर पहुंच गए। हत्या के खुलासे के लिए ट्रांजिट कैंप, पंतनगर, दिनेशपुर के साथ ही आईटीआई थानाध्यक्ष विद्या दत्त जोशी और नानकमत्ता थानाध्यक्ष कमलेश भटट को भी रुद्रपुर बुला लिया गया है। हत्या के बाद पुलिस शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। प्रकाश धामी की हत्या की खबर सुनकर नाते रिश्तेदारों के साथ ही शहर के भाजपा और कांग्रेसी नेता भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।



इस घटना के बाद जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कारवाई करे। इस घटना के बाद से कार्यकर्ताओं में भी भय की स्थिति बनी हुई है। आखिर जब जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नही है तो आम नागरिक का क्या होगा । विपक्ष में सरकार से मांग की है कि इस घटना की जांच सही कर दोषियों को सजा दी जाए।