ऑर्डनेन्स फैक्ट्री व ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री की ज्वाइंट एक्शन कमेटी की एक मीटिंग आयुध निर्माणी इस्टेट में सम्पन्न हुई। आयुध निर्माणियों के निजीकरण को लेकर अब रक्षा कर्मचारी आर पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं । ज्वाइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों ने रक्षा क्षेत्र के महासंघो के आह्वान पर दोनों निर्माणियों में 29 सितंबर को सभी कर्मचारियों द्वारा पूरे दिन काले बिल्ले पहनकर कार्य करते हुए सफलतापूर्वक विरोध दिवस मनाये जाने पर संतोष व्यक्त किया तथा 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी हेतु सभा में व्यापक चर्चा की गई । सभा में उपस्थित वक्ताओं द्वारा वर्तमान समय में केंद्र सरकार द्वारा ऑडनेंस फैक्टरियों के निगमीकरण /निजीकरण करने के निर्णय के विरोध में अपने विचार व्यक्त किए गए।

देहरादून में स्थित दोनों फैक्ट्रियों की सभी कर्मचारी केंद्र सरकार के इस फैसले से बहुत आक्रोशित हैं। सरकार द्वारा देश की 41 आयुध निर्माणीयों को पुरानी टेक्नोलॉजी और अधिक लागत उत्पादन बताकर निगमीकरण किया जा रहा है इसके विरोध में देश के 80000 आयुध निर्माणी कर्मचारी 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं।


निर्माणियां में मेक इन इंडिया के तहत उत्पादन किए गए 15 एमएम केलिवेट आर्टिलरी गन, धनुष व सारंग ने विश्व शस्त्र बाजार में अत्यधिक लोकप्रियता हासिल की है तथा डिफेंस एक्सपो 2020 में इन नए शस्त्रों की जमकर तारीफ की गई है इसके साथ ही आयुध निर्मणियो ने अपने उत्पादन लागत में 5 फीसद तक की कमी प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की है। सेना को आपूर्ति किए जाने वाले हथियारों में उत्पादन लागत को 10 फीसद तक कम किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। डीआरडीओ के सहयोग से नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से उन्नत किस्मों के विश्व स्तरीय हथियारों का उत्पादन किया जा रहा है इसके बावजूद भी केंद्र सरकार द्वारा 41 ऑर्डनेंस फैक्टरी को निगमीकरण के रास्ते पर धकेल रही है। महासंघो द्वारा महामहिम राष्ट्रपति महोदय व रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर कुछ उच्चस्तरीय अधिकारियों के विरुद्ध सी बी आई जाँच की माँग की गई है जिनके द्वारा रक्षा क्षेत्र से जुड़े सवेदनशील पत्रों को प्रेस को लीक करके सरकारी सेवा शर्तों का उल्लंघन करके देशद्रोह का कार्य किया गया है।