उत्तर प्रदेश का एक युवक हल्द्वानी में रह रहा था । इसी बीच उसकी दोस्ती एक स्थानीय चाय वाले से भी हो गई। छह माह से उत्तर प्रदेश के युवक ने जब मकान मालिक का किराया नही दिया तो मकान मालिक ने उसको घर से निकाल दिया । इस परिस्थिति में उत्तराखंड के एक चाय कारोबारी दोस्त ने उसको अपने घर में आसरा दिया मगर जिसको आसरा दिया वह चोर निकला ।

थानाध्यक्ष नंदन रावत ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी आशीष गुप्ता काठगोदाम क्षेत्र में किराये पर रहता था। छह महीने का किराया नहीं देने पर उसे मकान मालिक ने घर से निकाल दिया। उसने अपनी व्यथा हाल में दोस्त बने चाय कारोबारी इंदर सिंह भंडारी निवासी रानीबाग को बताई। इंदर सिंह ने दया दिखाकर आशीष को अपने घर में आसरा दे दिया। 16 अक्टूबर की सुबह पांच बजे इंदर अपनी चाय की दुकान के लिए चला गया। इसका फायदा उठाकर आशीष अलमारी में रखे 10 हजार रुपये निकालकर फरार हो गया।

पुलिस ने आशीष से पूछताछ की तो चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई। आशीष ने बताया कि वह मैनपुरी में शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसकी पहचान दिल्ली की एक महिला से हो गई थी। महिला का मायका लामाचौड़ में है। लाकडाउन शुरू होने पर आशीष महिला और उसके बेटे को लेकर काठगोदाम आ गया। वह यहां किराये का कमरा लेकर दंपती की तरह रहे। लोगों को दिखाने के लिए अनलाक शुरू होने वह आर्टिफिशियल ज्वेलरी बेचने का कारोबार भी करने लगा। कुछ माह बाद बेटी की आनलाइन कक्षाएं शुरू होने पर महिला दिल्ली लौट गई। इसी दौरान उसकी दोस्ती इंदर से हो गई। और उसने उसके पास पैसे न होने की वजह से उसने इस प्रकार की घटना को अंजाम दे डाला ।