एम्स ऋषिकेश में निदेशक प्रोफेसर रवि कांत के निर्देश पर सामान्य रोगों से ग्रसित मरीजों के उपचार के लिए सभी विभागों की ओपीडी संचालित की जाने लगी हैं। कोविड-19 के चलते स्थगित की गई कई विभागों की ओपीडी सेवाओं के दोबारा से शुरू होने से अब संबंधित मरीजों को उक्त सभी उपचार सुविधाएं मिलने लगी हैं। डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि इलाज के अभाव में मरीज परेशान नहीं हों, लिहाजा ओपीडी व्यवस्थाओं में भी सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि उपचार के लिए एम्स आने वाले मरीजों के लिए अस्पताल के मुख्य प्रवेशद्वार पर ही पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। इस रजिस्ट्रेशन सेंटर से टोकन प्राप्त करने के बाद मरीज नॉन कोविड एरिया में आकर अपना नंबर आने पर ओपीडी में उपलब्ध चिकित्सकों से अपना परीक्षण करा सकते हैं।


वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते उत्पन्न हालातों के मद्देनजर एतिहातियातन 24 मार्च-2020 से देशभर में लाकडाउन घोषित कर दिया गया था। पूर्ण लाकडाउन के मद्देनजर एम्स ऋषिकेश में भी ओपीडी संबंधी व्यवस्थाओं में परिवर्तन किया गया था। हालांकि, उस दौरान भी एम्स में इमरजेंसी, ट्रामा, कोविड स्क्रीनिंग ओपीडी, टेलिमेडिसिन ओपीडी आदि विशेष ओपीडी दैनिक तौर से जारी रखी गई थी। अनलॉक-5 की घोषणा के बाद स्थगित चल रहे कुछ महत्वपूर्ण विभागों की ओपीडी शुरू की गई। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि गरीब से गरीब मरीज को वर्ल्डक्लास बेहतर इलाज सुलभ कराना संस्थान की प्राथमिकता है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने कहा कि हमें कोरोना वायरस के साथ सामान्य जीवन जीने की आदत डालनी होगी। ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए मूलमंत्र दो गज की दूरी और मास्क के अनिवार्य इस्तेमाल की शर्तों के साथ एम्स की विभिन्न ओपीडी सेवाओं को फिर से सुचारू कर दिया गया है।