कर्णप्रयाग से लापता नाबालिग लड़की को पुलिस ने हरिद्वार से बरामद कर मामले में गिरफ्तार आरोपित को न्यायालय विशेष सत्र न्यायाधीश में पेश कर जेल भेज दिया है। आपको बता दें पहाड़ों पर यह कोई पहली घटना नही है। उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आये मुस्लिम समाज के लोग पहाड़ो पर लगातार इसी प्रकार की हरकतें कर रहें हैं। फिर भी सरकार बाहरी लोगों को पहाड़ों पर कार्य प्रदान कर रही है।


थाना प्रभारी कर्णप्रयाग गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि बीते बुधवार को नगर क्षेत्र अंतर्गत एक नाबालिगके लापता होने की तहरीर थाने में स्वजनों ने दर्ज करायी थी। इस पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर अविलंब जांच टीम गठित कर खोजबीन शुरू की गई। इस दौरान पतारसी सुरागरसी करते हुए पुलिस को पता चला कि लापता नाबालिग व आरोपित युवक हरिद्वार में हैं। इस पर पुलिस टीम उपनिरीक्षक विजय प्रकाश, पूनम खत्री, कांस्टेबल सतीश कुमार, पिंकी, शाहीनआरा ने फरार आरोपित मुजमिल आलम निवासी किशनगंज (बिहार) को नाबालिग लड़की के साथ शुक्रवार हरिद्वार से बरामद किया।


पहाड़ी क्षेत्र में आने वाले ऐसे लोगों को कड़ी सजा का प्रावधान हो और जिस ठेकेदार की लेबर इस प्रकार के कार्य करें उसका ठेका निरस्त कर दिया जाना चाहिए । ग्रामीण क्षेत्रों में बहू बेटियों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। कई केसों में जब फरार बहुएं नही मिलती हैं तो लड़के पक्ष पर लड़की के परिजन केस दर्ज करवा देते हैं । हालांकि गलती लड़के वालों की नही होती लेकिन उनको बहुत सारी यातनाओं से गुजरना पड़ता है। सरकारें इस तरफ ध्यान नही दे रही हैं लेकिन जिस प्रकार से उत्तराखंड में अपराध पैर पसार रहा है उसे देखते हुए आज नही तो कल इस बात की आवश्यकता आन पड़ेगी । बाहरी लोगों को बढ़ावा देना बन्द करना पड़ेगा और धारा 371 का लागू होना, दोनों की अत्यंत आवश्यकता है।